हरिद्वार में सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रदीप की आत्महत्या के मामले में इंजीनियर के भाई ने भाभी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वंदना चौधरी ने अपने साफ्टवेयर इंजीनियर पति प्रदीप चौधरी से पचास लाख रुपये की मांग की थी।
शादी के बाद से ही वो ससुराल पक्ष पर किसी न किसी बात के लिए दबाव बनाती रहती थी। उसका मकसद फिर से एयरहोस्टेस की नौकरी करना था। ये बात साफ्टवेयर इंजीनियर के बड़े भाई संदीप चौधरी ने अमर उजाला संवाददाता से बातचीत के दौरान कही।
दूरभाष पर हुई वार्ता में पेशे से इलेक्ट्रीशियन बड़े भाई संदीप ने बताया कि छह दिसंबर 2014 को भाई की शादी हुई थी। कुछ दिन तक वंदना यहां रही, फिर वो अपने मायके चली गई। वो भाई से लगातार भारी भरकम रकम की मांग करती रहती थी।
पहले पति ने दो महीने में कर ली थी खुदकुशी
संदीप ने बताया कि चार अप्रैल को वो मायके से फिर ससुराल आई थी। तब से लगातार घर में कलह किए जा रही थी। उसका मकसद एयरहोस्टेस की नौकरी फिर से करना था। 28 अप्रैल को उसे सिंगापुर एयरलाइन में नौकरी ज्वाइन करनी थी।
वंदना के परिजन भी उसका पूरा सहयोग कर रहे थे, यही कारण था कि भाई को खुदकुशी करनी पड़ी।
भाई ने बताया कि वंदना पहले से ही शादीशुदा थी, उसके पहले पति ने भी दो माह में ही खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। ये जानकारी उन्हें शादी के बाद हुई थी।
कहा कि उनकी इकलौती बहन है उसके घर आने जाने को लेकर भी वो विवाद करती थी। बड़े भाई ने मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठाई।