हल्द्वानी के तराई केंद्रीय वन प्रभाग के पीपल पड़ाव रेंज में बुधवार रात वन कर्मियों की तस्करों से मुठभेड़ हो गई। तस्करों ने वन कर्मियों पर फायर झोंक दिए। जवाबी फायरिंग होने पर तस्कर बाइक में शीशम के गिल्टे छोड़कर फरार हो गए। पीछा करने पर वन विभाग की टीम ने एक तस्कर को दबोच लिया, जबकि सरगना समेत पांच तस्कर भागने में कामयाब रहे।
बुधवार रात करीब आठ बजे तस्कर पीपल पड़ाव रेंज के जंगल में घुसे। तस्करों ने जंगल में सूखे पेड़ गिराकर गिल्टे बना लिए। गिल्टों को जंगल में छिपाकर तस्कर लौट गए। मुखबिर से वन विभाग को तस्करों के जंगल में पेड़ काटने और उन्हें लेने के लिए रात 12 बजे जंगल में घुसने की सूचना मिल गई। सूचना पर रेंजर प्रदीप पंत के नेतृत्व में टीम 11 बजे जंगल पहुंच गई और घात लगाकर उनका इंतजार करने लगी।
डीएफओ सनातन के मुताबिक रात करीब 12 बजे छह तस्कर बाइकों से गिल्टे लेने पहुंचे। वन कर्मियों ने उन्हें घेर लिया और आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। वन कर्मियों को देख तस्करों ने तमंचों से फायर झोंक दिए और भाग गए।
बच निकला सरगना
डीएफओ के मुताबिक तस्करों की तरफ से चार फायर हुए। जवाब में वन कर्मियों ने भी हवाई फायरिंग की। भागने के दौरान काला सिंह निवासी बाजपुर (यूएस नगर) का पैर गड्ढ़े में फंस गया और वह पकड़ा गया।
डीएफओ ने बताया कि तस्करों का सरगना लखविंदर सिंह उर्फ लक्खी निवासी हरिपुर हरसान फरार हो गया। लक्खी पैरोल पर है और फॉरेस्ट गार्ड पर जानलेवा हमले का आरोप उस पर है। इसके साथ टीटू, अशोक, बलदेव और फूली हैं। ये लोग गूलरभोज निवासी हैं। वन विभाग की टीम ने मौके से लकड़ी और बाइक बरामद कर ली है। लकड़ी की कीमत 35 हजार रुपये है।