कुत्ते की हत्या, वो भी सिर्फ इसलिए कि वो सूअर पर भौंक रहा था। मौत भी ऐसी की अच्छे-अच्छों की रूह कांप जाए। ऐसी वारदात को बर्बर, बेरहम और शर्मनाक नहीं कहा जाए तो क्या कहा जाए। आप ही फैसला कीजिए।
हालांकि बिंदाल चौकी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुत्ते के मालिक की शिकायत पर पूर्व प्रधान समेत तीन लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है। उधर पशु प्रेमियों ने आरोपियों पर जल्द उचित कार्रवाई नहीं होने पर संघर्ष का एलान किया है।
मालूम हो कि रुड़की में 2013 और बरेली में 20 मई 2015 को भी ऐसी घटना हुई थी, जिसमें पुलिस ने केस दर्ज कर उचित कार्रवाई की थी। वहीं पशु प्रेमी संगठनों ने मामले को सोशल मीडिया के जरिए उठाया है और मेनका गांधी तक बात पहुंचाने की भी तैयार की है।
पुलिस के मुताबिक प्रकाशनगर निकट यमुना कॉलोनी (बिंदाल पुल के दक्षिण इलाके में) में पूर्व प्रधान चंद्र मोहन काला का सूअरों का बाड़ा है।
घरवालों के सामने पोल से बांधकर मार डाला
आरोप है कि पिछले दिनों उनके सूअर कॉलोनी में घूम रहे थे। इसी बीच मदन सिंह के पालतू कुत्ते अक्की ने सूअरों पर भौंक दिया।
मदन सिंह की बेटी सुनीता ने बताया कि इससे नाराज पूर्व प्रधान अपने दो साथियों के साथ आया और घर के भीतर जबरन घुसकर घरवालों से मारपीट की और कुत्ते को जबरन बाहर खींच ले गए। बिजली के पोल में उसे बांधा और बेलचे, लाठी और रॉड से पीटकर मार डाला।
मदन सिंह ने बताया कि बच्चे रोते रहे पर पूर्व प्रधान ने उनकी एक नहीं सुनी और शिकायत करने पर जान से मारने की भी धमकी दी। पूर्व प्रधान की दहशत से सभी चुप थे।
जानकारी पर भड़के पशुप्रेमी संगठन, दर्ज कराया मुकदमा
मामले की जानकारी जब सोसायटी ऑफ प्रीवेंशन ऑफ क्रूएलटी अगेंस्ट एनिमल्स के अक्षय मेहता, विपुल अग्रवाल, देहरादून एनिमल लवर्स संगठन के रिया झिंकवान, आशीषदास, पीपल्स फॉर एनिमल्स के गौरी मौलिखी और उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड की सदस्य पूनम सिंह सोबती को पता चला तो उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ बिंदाल चौकी पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने अक्की के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पशु प्रेमी संगठन जल्द ही इस मामले को लेकर जिलाधीश, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेंगे।