यूपी में कानून-व्यवस्था का मौजूदा हाल माथा पीटने को मजबूर करता है। महज 200 रुपए के लालच में कोर्ट में पेशी के लिए लाए गए हत्यारोपियों को भागने में मदद कर दी जाती है।
ये गंभीर आरोप सहारनपुर की पुलिस पर लगा है। देवबंद में डबल मर्डर केस में पेशी पर लाए गए दो हत्यारोपी सिपाहियों की आंखों में मिर्च झोंककर फरार हुए लेकिन बताया जा रहा है कि उन्हें भगाने में पुलिस वालों का लालच और लापरवाही जिम्मेदार है।
घटना से हड़कंप मचते ही पुलिस की थोड़ी नाक बचाने में तब कामयाब रही जब स्कूल के कुछ छात्रों की मदद से एक हत्यारोपी दबोच लिया गया।
सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे देवबंद थाना क्षेत्र के थीतकी गांव में 28 नवंबर 2014 में आलमगीर और सनव्वर की हत्या में एक ही परिवार से जुड़े 11 आरोपियों को जिला कारागार से एसीजेएम ज्ञान प्रकाश की अदालत में पेशी के लिए लाया जा रहा था।
इसी दौरान दो हत्यारोपी लुकमान और सरफराज ने पेशी में शामिल सिपाहियों शीशपाल और नेत्रपाल से फोन पर किसी से बात करवाने को कहा। आरोप है कि 200 रुपये में फोन पर बात कराने की बात तय होने पर दोनों सिपाही आरोपियों को आशा मॉडर्न स्कूल की ओर कचहरी परिसर की दीवार तक ले गए थे।