अपराधियों की चुस्ती को मात देने के लिए देहरादून पुलिस ने भी हाईटेक तरीका अपनाया है।
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सूचना तंत्र को मजबूत बनाने के लिए पुलिस अब मोबाइल एप्लीकेशन व्हाट्स एप का सहारा लेगी। पुलिस के व्हाट्स एप ग्रुप में एसएसपी से लेकर बीट सिपाही तक को जोड़ा जाएगा।
दून को छोड़कर उत्तराखंड के कई जिलों की पुलिस पहले से ही इस मोबाइल एप्लीकेशन का प्रयोग कर रही है और इसके नतीजे भी अच्छे रहे हैं।
पुलिस कर्मी करेंगे व्हाट्स एप का प्रयोग
हालांकि, दून में भी पुलिस कर्मी व्हाट्स एप का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस का अपना कोई ग्रुप नहीं था।
बुधवार को क्राइम मीटिंग में यह मुद्दा उठा तो राजधानी देहरादून में भी इसे लागू करने फैसला लिया गया।
शहर कोतवाली निरीक्षक एसएस बिष्ट और डोईवाला निरीक्षक आरएस असवाल जैसे पुराने इंस्पेक्टर इस नई तकनीक से अछूते थे।
मामलों के खुलासे में मिलेगी मदद
कप्तान अजय रौतेला ने उन्हें भी इसका प्रयोग करने के लिए कहा। एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुलिस का हर अधिकारी और कर्मचारी इस ग्रुप में शामिल होगा।
घटना के बाद फरार अपराधियों के हुलिए, कपड़ों, वाहनों के नंबर और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को इस एप के जरिये तुरंत हर पुलिसकर्मी के मोबाइल पर उपलब्ध होगी।
संभावित बदमाशों के फोटोग्राफ एक दूसरे को भेजकर उनकी पहचान कराने में काफी मदद मिलेगी।
‘आपरेशन चोर’ पर कावड़ यात्रा ने लगाया ब्रेक
चोरों पर लगाम कसने के लिए दून पुलिस के ‘आपरेशन चोर’ पर कांवड़ यात्रा ने ब्रेक लगा दिया है। कांवड़ के लिए पुलिस फोर्स हरिद्वार रवाना कर देने से राजधानी में जवानों की संख्या कम हो गई है।
ताबड़तोड़ चोरियों से पुलिस को इन दिनों खूब फजीहत झेलनी पड़ रही है। अधिकारियों के प्रयासों के बाद दो दिन से पुलिस सक्रिय नजर आ रही थी, लेकिन हालात फिर पहले जैसे होने वाले हैं।
हरिद्वार में कांवड़ मेले के लिए दून जिले से 82 उप निरीक्षक और 270 कांस्टेबलों को गुरुवार को भेज दिया गया। इनमें कप्तान के पेशकार और पीआरओ भी शामिल हैं।
अब यह बल 25 जुलाई के बाद ही दून लौटेगा। जाहिर है कि पुलिस फोर्स में आई इस कमी से चोरों के हौसले बुलंद रहेंगे।
दूसरी ओर, पुलिस कार्रवाई पर भी असर पड़ेगा। सबसे ज्यादा दिक्कत रात्रि गश्त को बनाए रखने में होगी।
परवल लूट में उलझी पुलिस परवल में दो घरों में परिजनों को बंधक बनाकर लूटपाट के मामले में पुलिस उलझ गई है। कई लाइनों पर काम के बावजूद सुराग हाथ नहीं लगा है।
बागों में सत्यापन और सहारनपुर में तलाश के बाद भी बदमाशों की कोई जानकारी पुलिस को नहीं मिली है।
देहरादून में न तो चोरी की घटनाएं थम पा रही है और न ही उनका खुलासा हो रहा है। चोर ऐसे मकानों को अपना निशाना बना रहे है, जो बंद हैं।
बीस दिन से ताबड़तोड़ घटनाओं ने सरकार की चिंता भी बढ़ा दी है। ऐसे में पुलिस पर 60 से अधिक वारदातों के खुलासे का दबाव बढ़ गया है।