लुधियाना पुलिस ने 80 लाख रुपये की डकैती के मामले में देहरादून पलटन बाजार के सिमरन ज्वैलर्स के यहां छापा मारा। पुलिस अपने साथ नाभा जेल ब्रेक कांड के एक आरोपी पलविंदर उर्फ पेंदा को शरण देने के आरोपी शातिर अपराधी सुनील कालरा को रिमांड पर साथ लाई थी।
कालरा का कहना था कि डकैती का 32 लाख रुपये का सोना सराफ को 28 लाख में बेचा था। पुलिस ने कालरा के बैंक लॉकर से भी जेवरात बरामद किए हैं। कई घंटे चली छानबीन के बाद लुधियाना पुलिस देर रात सराफ रंजीत सिंह को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद फरार होने से पहले सुनील कालरा देहरादून के रायपुर क्षेत्र में ही रह रहा था। बुधवार को पंजाब की लुधियाना पुलिस सबसे पहले कालरा को लेकर रायपुर क्षेत्र पहुंची, जहां पर उसके बैंक लॉकर को खंगाला गया। लॉकर से कुछ जेवरात मिलने की खबर है।
तीसरे पहर लुधियाना पुलिस सुनील कालरा को लेकर शहर कोतवाली पहुंची, जहां पर विधिवत आमद दर्ज कराई गई। लुधियाना पुलिस ने बताया कि अगस्त माह में माडल टाउन क्षेत्र में 80 लाख रुपये की डकैती की वारदात हुई थी, जिसमें से करीब 32 लाख रुपये कीमत का सोना पलटन बाजार स्थित सिमरन ज्वैलर्स को बेचा गया था।
दुकान बंद कर कई घंटे तक हुई छानबीन
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सोने के बदले कालरा को 28 लाख रुपये का भुगतान हुआ था। स्थानीय पुलिस के बुलावे पर ज्वैलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी आ गए। पहले बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश हुई, लेकिन बात नहीं बनी। पंजाब पुलिस शाम को आरोपी को लेकर सिमरन ज्वैलर्स पहुंच गई, जहां पर दुकान बंद कर कई घंटे तक छानबीन की गई।
यहां सुनील कालरा ने कुछ जेवरात पहचान लिए। पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने बताया कि डकैती में सुनील कालरा के मामा का लड़का भी शामिल रहा है। स्थानीय पुलिस की मदद से पंजाब पुलिस को डकैती का काफी माल मिल गया है।
दून पह़ुंचे थे जेल कांड के तीन आरोपी
पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने खुलासा किया नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद इन शातिरों की योजना देहरादून में मिलने की थी। प्रेमा, विक्की और नीता तो सुनील कालरा के पास देहरादून आ गए थे। चौथे आरोपी पलविंदर उर्फ पेंदा को भी देहरादून आना था। इसी बीच पेंदा की यूपी के शामली में गिरफ्तार के बाद यह तीनों सुनील कालरा के साथ फरार हो गए थे। हरिद्वार के रास्ते यह लोग राजस्थान गए, जहां से वह अलग-अलग निकल गए।
सुनील कालरा इंदौर में छिपा था। शक होने पर पड़ोसियों ने शिकायत की तो कालरा पकड़ में आ गया। हाल में ही रायपुर थाने के एक दारोगा ने पंजाब जाकर सुनील कालरा के बयान दर्ज किए थे। कालरा के खिलाफ रायपुर थाने में जालसाजी का मुकदमा दर्ज है। दून पुलिस भी सुनील कालरा को जालसाजी के मामले में बी वारंट पर लाने की तैयारी में है।