देहरादून के प्रेमनगर निवासी लापता मां-बेटे के शव भी सोमवार को पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। सिडकुल फेज-टू में नौ दिन पहले बच्चे का शव मिलने के बाद सोमवार को उसके पिता और दादी का शव भी घटनास्थल से करीब 500 मीटर की दूरी पर सड़क किनारे झाड़ियों में पड़े मिले।
एसएसपी केवल खुराना ने मौके मुआयना करने के बाद पुलिस अफसरों की बैठक लेकर घटना के जल्द खुलासे को लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं। एसओजी की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। एसएसपी ने कहा कि पुलिस तत्परता से मामले को हल करने में जुटी है। आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
मालूम हो कि बीती 27 नवंबर को देहरादून के प्रेमनगर थाने क्षेत्र के श्यामपुर गांव निवासी राजेंद्र जोशी, उनकी मां कमला जोशी और आठ साल का बेटा भाष्कर जोशी कार से पिथौरागढ़ के लिए रवाना हुए थे।
29 नवंबर को मिली थी मासूम भाष्कर की लाश
काशीपुर आने के बाद राजेंद्र का परिवार लापता हो गया था। अगले दिन राजेंद्र का परिवार जिस कार से पिथौरागढ़ के लिए निकला था, वह कार यूपी के बिलासपुर (यूपी) थाना क्षेत्र से लावारिस हालत में मिली थी जबकि अगले दिन 29 नवंबर को सिडकुल फेज टू में झाड़ियों के बीच से राजेंद्र के बेटे भाष्कर जोशी का शव बरामद हुआ था।
एक दिसंबर को देहरादून में राजेंद्र के छोटे भाई आर्मी में नायक दीपक जोशी ने भाष्कर की पहचान अपने भतीजे के रूप में कर सितारगंज कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तब से पुलिस लापता राजेंद्र जोशी और उनकी मां कमला जोशी की खोज और हत्यारों को पकड़ने में लगी थी।
सड़े-गले होने के चलते चेहरे नहीं आ रहे थे पहचान
सोमवार सुबह एसएसपी केवल खुराना के निर्देश पर एएसपी टीडी वैला ने भारी पुलिस फोर्स के साथ सिडकुल फेज टू में रोड नंबर दस पर खाली प्लाटों में झाड़ियों में सघन कांबिंग की।
करीब दस बजे पुलिस को भाष्कर जोशी का जिस प्लाट से शव मिला था, वहां से करीब 500 मीटर आगे उत्तर दिशा में खाली प्लाट की झाड़ियों से राजेंद्र और कमला के शव पड़े मिले।
एसएसपी खुराना ने बताया कि शव सड़े-गले होने के चलते उनके चेहरे पहचान में नहीं आ रहे थे। 27 की रात को काशीपुर के एक्सिस बैंक मां-बेटे ने एटीएम से पैसे निकाले थे। एटीएम की फुटेज में आए कपड़ों से इन शवों के कपड़े मिल रहे हैं। इसी आधार पर दोनों की शिनाख्त राजेंद्र जोशी और कमला जोशी के रूप में हुई है।
पहले भाष्कर फिर मां-बेटे का शव लगाया ठिकाने
माना जा रहा है कि हल्द्वानी मुख्य मार्ग पर सितारगंज से दस किमी आगे सिडकुल फेज टू के लिंक मार्ग नंबर दस पर करीब एक किमी आगे गाड़ी खड़ी की गई।
रोड नंबर चार से पहले उत्तरी दिशा में खाली प्लाट की झाड़ियों के बीच सड़क से 30 मीटर की दूरी पर भाष्कर जोशी की लाश फेंकी गई। इसके बाद हत्यारे गाड़ी लेकर पांच सौ मीटर आगे बढ़े। यहां राजेंद्र जोशी और कमला जोशी के शव गाड़ी से बाहर निकालकर उत्तरी दिशा में ही सड़क नंबर चार से आगे करीब 20 मीटर अंदर झाड़ियों में डाल दिए गए।