जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक बी शर्मा ने जुलाई 2011 में लैंसडौन तहसील के अमखोली गांव में हुई एक हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने आरोपी को बीस हजार रूपये के अर्थदंड की सजा से भी दंडित किया।
2011 में हुई थी हत्या
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता केपी डंगवाल ने बताया कि 28 जुलाई 2011 को लैंसडौन तहसील के अमखोली गांव में मंजोखी गांव निवासी धीरज लाल की बंदूक की गोली से हत्या कर दी गई थी।
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इस मामले में धीरज लाल के भाई नीरज और उसके चाचा ने राजस्व पुलिस में तहरीर देकर अनिल सिंह पर धीरज लाल की हत्या करने का आरोप लगाया था।
गोली मारकर की थी हत्या
तहरीर में उन्होंने कहा था कि अनिल सिंह ने धीरज लाल पर बंदूक से फायर कर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में राजस्व पुलिस ने अनिल सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा कर किया गया था।
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इस मामले में आज हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनकर न्यायालय ने आरोपी अनिल सिंह को धीरजलाल की हत्या का दोषी पाया।
अर्थदंड ना देने पर अतिरिक्त कारावास
न्यायालय ने आरोपी को आजीवन करावास और 20 हजार के अर्थ दंड की सजा से दंडित किया। कहा कि अर्थ दंड अदा न करने पर आरोपी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।