पुलिस रिमांड के दौरान पिटाई के आरोप में प्रेमनगर थानाध्यक्ष यशपाल बिष्ट और विवेचक जितेन्द्र कुमार के खिलाफ केस दर्ज करने के कोर्ट के आदेश पर रिवीजन याचिका खारिज होने से पुलिस को तगड़ा झटका लगा है। बुधवार को जनपद न्यायधीश की कोर्ट ने रिवीजन याचिका खारिज कर दी।
कोर्ट से झटका लगने के बाद अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए। देर रात एसपी सिटी अजय सिंह को विवेचना भी सौंप दी गई। देर रात एसओ विष्ट और दारोगा जितेन्द्र के खिलाफ पुलिस रिमांड के दौरान मारपीट का केस दर्ज हो गया और दोनों को हटाकर एसएसपी आफिस से अटैच कर दिया गया।
जालसाजी के मामले में कोर्ट में समर्पण करने वाले भारूवाला निवासी लियाकत अली से पुलिस रिमांड के दौरान पिटाई किए जाने के मामले में कोर्ट ने 10 जून को एसओ प्रेमनगर यशपाल बिष्ट और विवेचक जितेन्द्र कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।
कोर्ट ने खारिज की पुलिस की रिवीजन याचिका
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यही नहीं एसएसपी से 24 घंटे में आदेश का अनुपालन कर रिपोर्ट देने को कहा गया था। आदेश होने के बाद से पुलिस अधिकारी आरोपी पुलिस कर्मियों के बचाव का रास्ता खोजने में जुटे थे।
अधिकारियों का प्रयास था कि आदेश का अनुपालन करने से पहले बचाव के रास्तों पर अमल कर लिया जाए। मंगलवार को दिन भर कानून पहलुओं पर मंथन करने के बाद ऊपरी अदालत में रिवीजन याचिका डालने का निर्णय लिया गया था।
बुधवार सुबह एसएसपी डा. सदानंद दाते कोर्ट परिसर में पहुंचकर न्यायिक अधिकारियों से मुलाकात की और पूर्वाह्न में केस के आदेश को लेकर जनपद न्यायधीश की कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया गया। सुनवाई के बाद जिला जज ने रिवीजन को खारिज करते हुए मुकदमे के आदेश को बरकरार रखा।
जानिए, केस में कब क्या हुआ?
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10 जून, अदालत ने एसओ और विवेचक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश
11 जून, सेकेंड सटरडे होने की वजह से आदेश नहीं मिलने का हवाला दिया
12 जून, रविवार को छुट्टी होने के कारण आदेश न मिलने की बात कही गई
13 जून, सोमवार को पुलिस ने कोर्ट का आदेश मिलने की बात स्वीकार की
14 जून, मुकदमे के आदेश को टालने को लिया गया राय मशविरा
15 जून, जनपद न्यायधीश की कोर्ट में पुलिस का रिवीजन हुआ खारिज
न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए एसओ प्रेमनगर और विवेचक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना एसपी सिटी अजय सिंह के सुपुर्द कर दी गई है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विवेचना पूरी होने तक दोनों को पुलिस आफिस से अटैच कर दिया गया है।
-डॉ सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक।
आरोपों की होगी गोपनीय जांच
पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने एसओ प्रेमनगर पर अन्य कतिपय आरोपों की गोपनीय जांच कराने की बात भी कही है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।