रुड़की क्षेत्र स्थित लंढौरा कस्बे में बुधवार को मामूली बात पर बवाल हो गया। इस दौरान पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी में एसएसपी समेत करीब 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। बेकाबू भीड़ ने चौकी पर पथराव करते हुए पुलिस के छह वाहनों में आग लगा दी।
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इसके बाद पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के रंगमहल में घुसकर पांच वाहनों को आग के हवाले कर दिया। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज और हवाई फायरिंग कर दी।
इस दौरान 20 से ज्यादा लोग चोटिल हुए हैं। जिनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है। शाम करीब चार बजे आईजी गुंज्याल ने हालत पर काबू पाने के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाई। तनाव के मद्देनजर कस्बे में पुलिस, पीएसी तैनात करते हुए धारा-144 लागू कर दी है।
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पवित्र किताब की प्रति फेंकने का लगाया आरोप
चैंपियन के परिवार की हैं दुकानें
- फोटो : AmarUjala
कस्बे में पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के परिवार की करीब 50 दुकानें हैं। इनमें मरगूबपुर गांव का हाफिज महबूब एक दुकान में टोपी, कुरआन, तस्बीह आदि बेचने का काम करता है। बुधवार सुबह चैंपियन के ताऊ राजकुमार कृष्ण सिंह ने हाफिज की दुकान खाली कराई।
आरोप है कि सामान निकालने के दौरान पवित्र कुरआन की एक प्रति भी बाहर फेंक दी गई। धर्मग्रंथ के अपमान की खबर से कस्बे और आसपास के गांव से समुदाय के लोग लंढौरा चौक पहुंचे और विरोध में रुड़की-लक्सर मार्ग व मंगलौर मार्ग पर जाम लगा दिया।
बवाल की सूचना पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित, एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल व एएसपी लोकेश्वर सिंह मौके पर पहुंचे और आसपास के थानों की भी पुलिस बुला ली। संसदीय सचिव फुरकान अहमद, पूर्व विधायक काजी निजामुद्दीन, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह आदि ने प्रदर्शन करने वालों को समझाने का प्रयास किया।
भड़की भीड़ ने चौकी और पूर्व विधायक के महल पर धावा
चैंपियन के रंगमहल में घुस पांच वाहनों में आग लगा दी।
- फोटो : AmarUjala
इसी बीच डीएम हरबंस सिंह चुघ और एसएसपी राजीव स्वरूप भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सभी लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। लेकिन भीड़ शांत होने के बजाय उग्र हो गई।
गुस्साए लोगों ने लंढौरा चौकी पर पथराव करते हुए बाहर खड़े पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी। इसी बीच कुछ लोग कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के रंगमहल में घुस गए और दो कारों व तीन दुपहिया वाहनों में आग लगा दी। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठी-चार्ज व हवाई फायरिंग कर दी।
भीड़ की ओर से किए गए पथराव में एसएसपी राजीव स्वरूप समेत दो दारोगा, सात सिपाही और एलआईयू के दो जवान चोटिल हो गए। करीब 20 लोग घायल हुए हैं। इनमें से ग्रामीण तौफीक की हालत गंभीर बनी हुई है।
सांप्रदायिक संघर्ष के दौरान जमा भीड़
- फोटो : AmarUjala
बवाल की खबर पर शाम करीब चार बजे आईजी संजय गुंज्याल लंढौरा पहुंचे और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधीनस्थों के साथ बैठक की। उसके बाद कुछ लोगों ने मंगलौर में हरिद्वार-दिल्ली हाईवे जाम कर दिया। देर शाम तक पुलिस प्रशासन जाम खुलवाने में जुटा रहा।
बवाल में यह घायल
बवाल में एसएसपी राजीव स्वरूप के हाथ में चोट आई हैं। जबकि उपनिरीक्षक नवीन चंद्र जुराल, डीपी काला सहित सिपाही वीरेंद्र नेगी, शंकर रावत, दिनेश कुमार, इंद्र गोस्वामी, देवेंद्र कुमार, अतुल, चेतन व एलआईयू के दो जवानों के सिर में चोटें लगी हैं।