उत्तराखंड के सुल्तानपुर क्षेत्र के एक गांव में सात साल की बालिका को अधेड़ व्यक्ति ने अपनी हवस का शिकार बना लिया। शर्मनाक बात यह है कि तीन दिन तक घटना पर पर्दा डालने की कवायद चलती रही। महिलाओं की एक संस्था ने पीड़ित बच्ची की मां को साथ लेकर पुलिस को तहरीर दिलाई।
केस भी दर्ज नहीं
पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया था और ना ही उच्च अधिकारियों को इस बाबत सूचना दी थी। क्षेत्र के एक गांव की सात साल की बच्ची कक्षा दो में पढ़ती है। 29 अक्तूबर की सुबह वह घर से स्कूल जाने के लिए निकली तो रास्ते में एक अधेड़ उसे बहला फुसलाकर अपने घर ले गया। उस समय घर पर कोई नहीं था।
आरोपी ने इस दौरान उसके साथ दुराचार कर डाला। रोते-रोते घर पहुंची बालिका ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसपर परिजनों ने आरोपी की पिटाई कर दी।
तीन दिन पहले हुई घटना
गांव के कुछ लोगों ने दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय वारदात को दबाने का प्रयास किया। तीन दिन तक घटना दबी रही। इसी बीच हरिद्वार में काम करने वाली महिलाओं की एक संस्था को इसकी भनक लग गई।
शुक्रवार को संस्था से जुड़ी कुछ महिलाओं ने गांव पहुंचकर पीड़िता के परिजनों से बातचीत की। इसके बाद संस्था की महिलाएं बच्ची की मां को लेकर चौकी पहुंचे और पुलिस को घटना की तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।