उत्तराखंड के अल्मोड़ा के एक गांव में शादी होने से कुछ घंटे पहले ही दुल्हन और उसके प्रेमी ने एक साथ जहर खाकर जान दे दी। शादी वाले घर में कोहराम मच गया।
बताया जाता है कि चचेरे भाई से उसका प्रेम संबंध था। उधर, सूचना पर गंगोलीहाट के एक गांव से चली बारात को बीच में ही रोक दिया गया। बारात की खुशियां मातम में बदल गईं।
मां-बाप की इकलौती बेटी (19 वर्ष) की बुधवार दोपहर में शादी होनी थी। घर में रिश्तेदार और ग्रामीण एकत्र थे। सुबह बारात के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं।
इस बीच करीब आठ बजे दुल्हन नहाने के लिए घर के पास स्थित नौले की तरफ गई। घंटा भर बीतने के बाद भी जब वह नहीं लौटी तो परिजन उसे देखने नौले (कुएं) की तरफ गए।
जमीन पर बेसुध पड़े थे दुल्हन और चचेरा भाई
जब परिजन नौले के पास पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। नौले के पास ही दुल्हन और उसका चचेरा भाई जमीन पर बेसुध पड़े थे। दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी।
एंबुलेंस पहुंचने तक दुल्हन की मौत हो चुकी थी, चचेरे भाई को गंभीर हालत में धौलादेवी स्थित प्राथमिक अस्पताल लाया गया।
वहां डॉक्टर नहीं होने से उसे बेस अस्पताल अल्मोड़ा भेजा गया। उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। हर कोई घटना पर चर्चा करते हुए दुख व्यक्त कर रहा था। इस मामले में फिलहाल कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। उधर जैसे ही बारात में सूचना पहुंची तुरंत बारात को रोक दिया गया।
परिजनों को नहीं था प्रेम संबंधों का पता
आठवीं कक्षा तक पढ़ी-लिखी दुल्हन ने शादी का विरोध नहीं किया था। परिजन उसकी शादी के लिए हैसियत के मुताबिक जेवर और सामान भी खरीद कर लाए थे, लेकिन दोनों की मौत के बाद भोजन के पतीले चूल्हे पर ही रह गए।
परिजनों के साथ ही मेहमान और ग्रामीण सदमे में हैं। इधर, जहर खाकर जान देने वाला दो भाइयों में बड़ा था और दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। वह दीपावली पर घर आया था। इसके बाद वह नौकरी पर नहीं गया। दोनों के बीच प्रेम संबंध की जानकारी परिजनों को नहीं थी।
दूसरे गांव की लड़की से हुई शादी
गंगोलीहाट के एक गांव से चली बारात को सूचना मिलते ही बारातघर से 25 किमी पहले ही रोक दिया गया, लेकिन इस बीच बड़े-बुजुर्गों की सलाह पर दूसरे गांव में झटपट रिश्ता खोजा गया। दुल्हे और परिजनों को समझा बुझाकर उसका विवाह रात में संपन्न करा दिया गया।