बागपत की अदालत में पेशी के दौरान उत्तराखंड के कुख्यात बदमाश अमित भूरा को भगाने वाले दो बदमाशों को क्राइम ब्रांच ने कराला रोड से गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए बदमाशों की पहचान गांव असान रोहतक निवासी नवीन हुड्डा और रामवीर कॉलोनी जींद निवासी दिनेश के रूप में हुई है। पुलिस को इनके पास से एक अत्याधुनिक पिस्टल, देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और मुखर्जी नगर इलाके से लूटी गई वर्ना कार बरामद की है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से हत्या के दो मामले और लूटपाट के एक मामले को सुलझाने का दावा किया है।
क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि प्रशांत विहार स्थित क्राइम ब्रांच की टीम को नीरज बवाना गैंग के दो शूटरों नवीन और दिनेश के कराला रोड इलाके में आने की सूचना मिली। सूचना में बताया गया कि दोनों एक सफेद रंग की वर्ना कार से बेगमपुर की तरफ से आ रहे हैं। पुलिस की टीम ने कराला रोड पर घेराबंदी कर दबोच लिया।
सुनील राठी के कहने पर अमित को भगाया
पूछताछ में नवीन ने बताया कि नीरज बवानिया ने अपने दोस्त बागपत के टिकरी गांव निवासी सुनील राठी के कहने पर अमित को पुलिस हिरासत से भगवाया। सुनील राठी हत्या के मामले में दोषी करार दिया जा चुका है और फिलहाल उत्तराखंड की जेल में बंद है। सुनील के आग्रह पर नीरज ने उसके शार्प शूटर अमित उर्फ भूरा को भगाने का प्लान तैयार किया।
इस दौरान अमित को दो बार पुलिस हिरासत से छुड़ाने की कोशिश की गई। लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली। नवीन ने बताया कि 14 दिसंबर को नीरज बवानिया ने अपने गैंग के बदमाशों के साथ पूर्व एमएलए रामबीर शौकीन के कमरूद्दीन नगर स्थित कार्यालय पर बैठक की। जिसमें नवीन के अलावा अन्य बदमाशों के साथ दिनेश भी शामिल था।
बैठक के दौरान नीरज बवानियां ने अमित भूरा को भागने का फूलप्रूफ प्लान बनाया। 15 दिसंबर को नवीन, दिनेश के साथ सात गैंगस्टर स्कारपियो से टाटेरी मंडी रेलवे स्टेशन पहुंचे। प्लान के मुताबिक दिनेश और रवि उस ऑटो रिक्शा में सवार हो गए। जिससे अमित भूरा को उत्तराखंड पुलिस बागपत कोर्ट ले जा रहे थे।
कुछ दूरी जाने पर स्कारपियो ने ऑटो रिक्शा को हिट किया। इसी दौरान दिनेश और रवि ने पुलिसकर्मियों के आंख में मिर्च का पाउडर डाल दिया। साथ ही स्कारपियो में मौजूद बदमाश हवा में फायर करने लगे। उसके बाद बदमाशों ने न केवल अमित को पुलिस हिरासत से भगा लिया। बल्कि पुलिसकर्मियों के दो एके 47 और एक एसएलआर भी लूट ली। बागपत के कोतवाली थाना में इस बाबत मामला दर्ज किया गया और उत्तराखंड पुलिस ने अमित पर दस लाख का इनाम घोषित कर दिया।
सट्टेबाज नीरज बवानिया का बन गया शार्प शूटर
जांच में पता चला कि 12 तक पढ़ाई करने वाला नवीन घेवरा में अपने चाचा दलजीत के साथ क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवाता था। इस दौरान पुलिस ने उसे हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। उसके बाद वह वर्ष 2011 में नीरज बवानिया के गिरोह में बतौर शार्प शूटर शामिल हो गया।
उसके बाद उसने नीरज बवानिया के साथ रोहतक में विरोध गैंग के सरगना करतार पर गोलियां चलाई। जिसमें करतार बच गया। उसके बाद दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कार लिया। वर्ष 2012 में नवीन के जेल से निकलने के बाद नीरज ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में पैर जमा चुके नीटू दबोदा को मारने की योजना बनाई, लेकिन इससे पूर्व ही पुलिस ने नीटू को मुठभेड़ में मार गिराया।
नीटू की मौत के बाद प्रदीप दहिया गिरोह का सरगना बन गया। छह माह पहले दोनों गैंग के बीच दिल्ली के सुभाष प्लेस में गैंगवार हुआ। जिसमें विरोधी गैंग के मुखिया प्रदीप दहिया और अनिल उर्फ लीला की हत्या कर दी। इसमें अंशुल घायल हुआ था। सुभाष प्लेस थाने में दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज किया गया।
चार माह पहले नवीन ने सहयोगी दिनेश के साथ मिलकर शिवाजी कॉलोनी रोहतक में कृष्ण को गोली मार दी। जिसमें कृष्ण बाल बाल बच गया। वहीं दिनेश ने एक साल पहले ही गैंग में शामिल हुआ है। वह गिरोह के सभी मामलों में शामिल रहा है। उसने गत वर्ष बहादुरगढ़ में आपसी दुश्मनी में एक फौजी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।