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'भूरा से मैं दिलवाऊंगा सरकारी असलाह'

Sun, 28 Dec 2014 02:15 PM IST
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
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फरारी के 13 दिन बाद भी अमित सरनावली उर्फ भूरा का कोई सुराग न लगने के बाद नोएडा में जमी उत्तराखंड पुलिस की टीम यह मानने लगी है कि फिलहाल उसका गिरफ्त में आना मुश्किल है।
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सरकारी हथियारों की बरामदगी पर पुलिस का ध्यान
ऐसे में भूरा की तलाश के साथ पुलिस का पूरा ध्यान लूटे गए सरकारी हथियारों की बरामदगी पर है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में एक व्यक्ति ने पुलिस को बदमाशों से मध्यस्थता कर हथियार वापस दिलाने का दावा किया है। पुलिस भी इस व्यक्ति पर भरोसा करके चल रही है।

माना जा रहा है कि भूरा गैंग से जुड़े कुछ बदमाशों और हथियार लेकर पुलिस ससम्मान दून लौट सकती है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि एक खास व्यक्ति ने उत्तराखंड पुलिस को लूटे गए सरकारी हथियार वापस दिलाने का वादा किया है।
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बता दें कि भूरा पुलिसकर्मियों से दो एके 47 और एक एसएलआर लूट ले गया था। इन हथियारों के किसी वारदात में इस्तेमाल किए जाने की आशंका के चलते उत्तराखंड पुलिस पर इन्हें बरामद करने का खासा दबाव है।

पुलिस का मानना है कि भूरा को पकड़ना फिलहाल संभव नहीं लगता। हालांकि वह देरसवेर हाथ आ ही जाएगा, लेकिन हथियार बरामद कर दबाव कुछ कम किया जा सकता है। ऐसे में पुलिस फिलहाल इस व्यक्ति पर भरोसा करके चल रही है।

एक जनप्रतिनिधि का रिश्तेदार
पुलिस सूत्र बताते हैं कि गाजियाबाद के जिस बदमाश का नाम सामने आया है, वही साजिश रचने वाला है। भूरा को कब, कहां, कैसे भगाना है यह तय करने में उसे दिल्ली के एक बदमाश का साथ मिला। दिल्ली का यह बदमाश वहीं के एक जनप्रतिनिधि का रिश्तेदार भी बताया जा रहा है।

जमानत तुड़वा जा सकता है जेल
अमित उर्फ भूरा किसी पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल जा सकता है। दस लाख रुपये के इनाम के बाद तीन राज्यों की पुलिस के कसे शिकंजे से अपराध जगत में हड़कंप है। कई बड़े बदमाश भी खुद को बचाने के लिए बिलों में घुस गए हैं।

पुलिस सूत्रों का मानना है कि भूरा आत्मसमर्पण कर फिर जेल जाने की कोशिश कर सकता है। इस लिहाज से मेरठ, मुजफ्फरनगर, दिल्ली और हरियाणा के मामलों में तारीख के दौरान कचहरी में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

भूरा के बारे में सूचनाओं की भरमार है। मोबाइल के अलावा व्हाट्स अप पर भी लोग लगातार जानकारी साझा कर रहे हैं। फरारी में शामिल संभावित बदमाशों की सूची बनाकर भेज रहे हैं। इससे पुलिस को भूरा से जुड़ी छोटी-छोटी जानकारी मिल रही है, जिस पर काम चल रहा है।
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- संजय गुंज्याल, पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढ़वाल क्षेत्र
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