एक शख्स जयपुर में है, एटीएम और पासवर्ड भी सुरक्षित है। देहरादून में उसके खाते से रकम उड़ा ली जाती है। चौक गए ना आप भी, आखिर यह कैसे हो गया, मगर यह सच है। एटीएम फ्राड की यह नई तकनीक वाकई हैरत भरी है। जाहिर है कोई इंटर स्टेट गैंग इस ठगी को आपरेट कर रहा है। मात्र ढाई मिनट में चार ट्रांजेक्शन के जरिए 33 हजार रुपये की रकम निकाली गई है।
एटीएम कार्ड बदलकर और बैंक अधिकारी बनकर जाने गए पासवर्ड के आधार पर खातों से रकम उड़ाने के घटनाएं तो अनगिनत है, लेकिन एटीएम कार्ड सुरक्षित होते हुए रकम निकलने का यह अपने तरीके का पहला मामला है। जयपुर में बैठे श्याम वीर सिंह के मोबाइल पर शुक्रवार शाम सात बजकर 16 मिनट पर अलर्ट संदेश आता है कि उनके खाते से 10 हजार रुपये निकाले गए है।
चार बार में निकाले रुपये
संदेश देखकर श्याम वीर सिंह हक्के-बक्के रह जाते है। रकम जयपुर से कई सौ किलोमीटर दूर देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित यूबीआई के एटीएम से निकाली गई थी। वो एटीएम कार्ड को चेक करते है, जो पूरी तरह सुरक्षित था। श्यामवीर सिंह खाता ब्लाक करने के लिए बैंक की तरफ चलते है, लेकिन बीच में ही उन्हें तीन और अलर्ट संदेश मिलते है।
10-10 हजार के तीन और चौथा ट्रांजैक्शन तीन हजार रुपये का किया जाता है। कुल मिलाकर उनके खाते से 33 हजार रुपये उड़ा लिए जाते है। खाते में मात्र 288 रुपये छोड़कर जालसाज एटीएम से निकल जाता है।
साइबर एक्सपर्ट भी हैरान
साइबर क्राइम के जानकार श्याम वीर समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर यह कैसे हो गया। शुक्रवार को ढाई बजे के करीब उनके खाते में वेतन आया था। बैंक के साथ जयपुर के थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई जाती है। श्यामवीर की माने तो उनका एटीएम कार्ड बदला नहीं गया है और न ही किसी को पासवर्ड बताया है। देहरादून के एसएसपी डा सदानंद दाते ने शिकायत मिलने के बाद पुलिस को सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर रकम निकालने वाले शख्स की पहचान कराने के निर्देश दिए है।