शादी के लिए नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने की फिराक में उत्तराखंड के नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक के बेड़चूला गांव में डेरा जमाए हरियाणा निवासी दंपति और जेठ को राजस्व पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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तीनों के खिलाफ मानव तस्करी का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में मध्यस्थता के आरोप में पकड़ी गई महिला की मां की तलाश की जा रही है।
बेड़चूला के तोक कोटला में बीते पांच-छह दिन से हरियाणा के तीन लोग डेरा डाले हुए थे।
पति की गैरमौजूदगी में पत्नी से करने लगे सौदा
शनिवार को तीनों कोटला में एक व्यक्ति की गैरमौजूदगी में उसके घर पहुंचे, जहां उन्होंने उसकी पत्नी के सामने उनकी नाबालिग लड़की को हरियाणा ले जाकर पढ़ाने और उसके विवाह का प्रस्ताव रखा।
शाम को घर लौटने पर जब उस व्यक्ति को यह बात पता चली तो उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी।
गुस्साए ग्रामीणों ने हरियाणा से पहुंचे तीनों लोगों को गांव में ही घेर लिया और राजस्व पुलिस को मामले की जानकारी दी।
हरियाणा के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
सूचना मिलने पर पटवारी हेम जोशी, पूरन सनवाल, पूरन गुणवंत, गोविंद कैड़ा ने गांव पहुंचकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
रविवार को तीनों आरोपियों को धारी तहसील लाया गया। पूछताछ के बाद तहसीलदार दामोदर पांडे ने बताया कि पकड़े गए आरोपी सोमवीर सिंह पुत्र रामकिशन, ऋषि कुमार पुत्र बलवीर सिंह एवं चंपा देवी पत्नी सोमवीर सिंह सभी रहने वाले गैड़ावटी जिला रोहतक हरियाणा के हैं।
तीनों के खिलाफ 370 आईपीसी (किसी को बहला-फुसलाकर शादी के लिए भगा ले जाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
अल्मोड़ा में है चंपा का मायका
ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामले में पकड़ी गई चंपा देवी का मायका अल्मोड़ा जिले के सुरखाल गांव में है। साल भर पहले हरियाणा निवासी सोमवीर के साथ उसका विवाह हुआ था।
चंपा देवी की मां गांव में अपने दो बच्चों के साथ रहती है। पता चला है कि चंपा की मां ने ही कोटला के इस व्यक्ति और उसकी पत्नी से उसकी नाबालिग बेटी के विवाह की बात चलाई थी।
इसके बाद ही चंपा देवी अपने पति एवं जेठ के साथ रविवार को उनके घर पहुंची। इससे पहले कि यह लोग अपने इरादों में सफल होते ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया।
नाबालिग लड़की के पिता का कहना है कि वह मजदूरी कर परिवार पालते हैं। उनकी बेटी कक्षा सात में पढ़ती है और उन्होंने अभी उसके विवाह के बारे में सोचा भी नहीं है।
बताया जाता है कि आरोपियों का साथ देने वाला एक अन्य व्यक्ति अल्मोड़ा में है, जो वहीं के सालम और आरागांव में मानव तस्करी में लगा है।
अधिकारियों का कहना ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामलों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन पैनी नजर रखेगा, यदि कहीं कोई ऐसी घटना की जानकारी हो तो लोगों को चाहिए कि वे पुलिस अथवा प्रशासन को मामले से अवगत कराएं, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। -राकेश चंद्र तिवारी, उपजिलाधिकारी, धारी (नैनीताल)।