देहरादून में प्रेमनगर के डूंगा गांव में मेजर जनरल (रिटायर्ड) की कोठी में खुद को पाकिस्तान आतंकी बताने वाले बदमाशों ने लूटपाट की और उनकी बेटी के अगवा कर ले गए।
दोनों बदमाश रविवार रात कोठी में घुसे और परिवार को बंधक बना लिया। करीब साढ़े चार घंटे तक बदमाश कोठी में ही रहे। इस दौरान बदमाशों ने पूर्व सैन्य अधिकारी के परिजनों को आतंकित भी किया। जाते समय बदमाश पूर्व सैन्य अधिकारी की दत्तक पुत्री को भी साथ ले गए।
करीब छह घंटे बाद (सोमवार सुबह) बेटी घर वापस पहुंची तो पीड़ित परिवार ने पुलिस को जानकारी दी। एक बदमाश ने नकाब पहना हुआ था। पुलिस किशोरी का मेडिकल करने के पक्ष में थी, पर परिजनों ने किसी तरह की अनहोनी से इनकार किया है।
डूंगा गांव में मेजर जनरल लाल जी देवेंद्र सिंह (रिटायर्ड) की कोठी है। करीब 80 वर्षीय लाल जी रविवार को कोटद्वार गए थे। रात में पौने आठ बजे के आसपास लाल जी कोठी पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद दो बदमाश उनकी पत्नी मंजित कौर, दत्तक पुत्री सुलेखा (14), घरेलू नौकर रामकुमार और उनकी मां भागवती को ड्राइंग रूम में बंधक बनाकर बैठे हुए थे।
विरोध किए बिना ही लाल जी भी परिजनों के साथ बैठ गए। बताया कि मुंह पर रुमाल बांधे एक बदमाश कम बोल रहा था, लेकिन दूसरा आतंकित कर रहा था। वह खुद को पाकिस्तान का आतंकी बताते हुए कह रहा था कराची में उनका बॉस बैठा है।
उसका आदेश मिलने के बाद वह कार्रवाई करेंगे। वह विध्वंस करने आए हैं। थाना भी उड़ा देंगे। हाथ में पेट्रोल भरी एक बोतल भी थी। साढ़े चार घंटे में बदमाशों द्वारा पांच हजार रुपये नकद और सवा दो तोले के जेवरात लूटे गए। 12 बजे करीब जाते समय बदमाश उनकी दत्तक पुत्री को साथ ले गए।
धमकी दी कि यदि पुलिस को बताया तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। सुबह छह बजे करीब युवती वापस आई तो लाल जी देवेंद्र सिंह ने सीधे एसएसपी सदानंद दाते को लूटपाट की जानकारी दी। इसके बाद कप्तान के साथ एसपी सिटी अजय सिंह, सीओ सिटी मनोज कत्याल मौके पर पहुंच गए।
फोरेंसिक टीम के साथ डॉग स्कवॉयड को भी मौके पर लाया गया। प्रेमनगर पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसपी सिटी ने बताया कि सुलेखा नौकर राम भरोसे की बेटी थी। सुलेखा जब छह माह की थी, तब ही लाल जी ने उसे गोद ले लिया था।