देहरादून के बाद शनिवार देर शाम हरिद्वार के ऋषिकुल आयुर्वेद कालेज में छह मुन्ना भाई पकड़ में आए हैं। इन छात्रों की जगह पिछले वर्ष किसी दूसरे लोगों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा में सफल होने के बाद सभी छात्र सालभर से बीएएमएस की पढ़ाई कर रहे थे।
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देहरादून में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के निर्देश पर जब छात्रों का पुन: सत्यापन किया गया तो यह छह मुन्ना भाई पकड़ में आ। देर शाम हरिद्वार कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए सभी मुन्ना भाई हरिद्वार जिले के हैं।
देहरादून में सप्ताह भर पहले मेडिकल प्रवेश परीक्षा में किसी दूसरे छात्रों की जगह परीक्षा देने वाले मुन्ना भाइयों को रंगेहाथ दबोचा गया था। उसके बाद उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने पुराने छात्रों का पुन: सत्यापन कराने के निर्देश जारी किए थे।
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दूसरे ने दी थी परीक्षा, सत्यापन में खुला फर्जीवाड़ा
आरोपी छात्रों को लेकर जाती पुलिस
- फोटो : AmarUjala
ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज हरिद्वार में चीफ प्रोक्टर डॉ. केके शर्मा की अगुवाई में एक टीम गठित कर छात्रों के दस्तावेजों और भौतिक सत्यापन कर मिलान कराया गया। जिसमें बीएएमएस प्रथम वर्ष के छह छात्र ऐसे पाए गए जिनकी जगह किसी दूसरे ने प्रवेश परीक्षा दी।
परिसर निदेशक की ओर से अतुल कुमार (पुत्र लाहौर सिंह निवासी भारापुर भौरी रुड़की), बिलाल अहमद (पुत्र अयूब निवासी बोड़ाहेड़ी मरगूबपुर पथरी), राहुल (पुत्र ऋषिपाल सिंह निवासी भौरी भारापुर, रुड़की), मोहम्मद अहमद (पुत्र मो. तालिब निवासी गांव हलवाहेड़ी मरगूबपुर), फैजान (पुत्र रियासत निवासी पुहाना, सालियर रुड़की) और सरवेज अली (पुत्र शेर अली निवासी मुरदाना रुड़की) के खिलाफ शनिवार देर शाम हरिद्वार कोतवाली में तहरीर दी गई।
पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया ने बताया कि परिसर निदेशक की तहरीर पर आरोपी छात्रों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
छात्रों की गिरफ्तारी से छात्रों में हड़कंप मचा रहा।
- फोटो : AmarUjala
सत्यापन कमेटी में इंटेलिजेंस के सदस्य भी शामिल रहे। जांच पड़ताल में इन छह छात्रों के अलावा एक छात्र ऐसा भी पाया गया जो परीक्षा के दौरान बिना बताए कहीं चला गया। परीक्षा बीच में छोड़ने के कारण उसे प्रवेश भी नहीं मिल पाया था। आमिर नाम के इस छात्र की जानकारी भी टीम जुटा रही है।
गिरफ्तारी से छात्रों में हड़कंप
ऋषिकुल आयुर्वेद परिसर के छह छात्रों की गिरफ्तारी से कॉलेज के बाकी छात्रों में भी हड़कंप मचा रहा। कॉलेज में यह जांच पड़ताल गुप्त रूप से करीब एक सप्ताह से चल रही थी। लेकिन किसी दूसरे से परीक्षा दिलाने के बाद एडमिशन लेने में सफल रहे इन मुन्ना भाईयों को पकड़े जाने की उम्मीद किसी को नहीं थी। परीक्षा के दौरान प्रवेश पत्र और प्रवेश सूची पर लगे फोटो का छात्रों से मिलान किया गया तो फर्जीवाड़े की पोल खुलकर सामने आ गई।
देहरादून में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने पुन: सत्यापन के लिए आदेशित किया गया था। चीफ प्रोक्टर की अगुवाई में परिसर स्तर पर समिति गठित की गई थी। दस्तावेजों की जांच पड़ताल और भौतिक सत्यापन में छह छात्र ऐसे पाए गए जिनकी जगह प्रवेश परीक्षा में कोई और बैठा हुआ है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए विश्वविद्यालय को रिपोर्ट भेज दी गई है।
-प्रो. एएन पांडे, निदेशक, ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज हरिद्वार