ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। यातायात की प्रयोगशाला बन चुकी राजधानी में अब एक और प्रयोग होने की तैयारी है। यह प्रयोग रॉन्ग साइड (गलत लेन) में गाड़ी चलाने वालों के लिए होगा। राजधानी की सड़कों पर ‘टायर किलर’ नाम के उपकरण लगाए जाने की योजना है। पुलिस का मानना है इन उपकरणों से न सिर्फ गलत साइड में वाहनों का संचालन रुकेगा, बल्कि गलत साइड वाहन चलने से आए दिन लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि कई कार्रवाई करने के बाद भी शहर में गलत साइड में वाहन चलाने की प्रवृत्ति रुक नहीं पा रही है। ऐसे में दून की सड़कों पर एक उपकरण लगाने की योजना बनाई जा रही है। उससे काफी हद तक इस पर लगाम लग सकता है। ‘टायर किलर’ नाम का यह उपकरण गति अवरोधक की भांति होता है। लेकिन, इसमें लोहे के कांटे लगे होते हैं। ये कांटे एक दिशा में ही होते हैं, जो कि निश्चित दिशा में गुजरने वाले वाहनों से दबकर अंदर हो जाते हैं। जबकि, विपरीत दिशा से कोई वाहन आता है तो टायर पंक्चर कर देता हैं। एसएसपी ने बताया कि यह उपकरण देश के कई शहरों की सड़कों पर लगाए गए हैं। हाल ही में नोएडा में ‘टायर किलर’ लगाए गए हैं। राजस्थान, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के भीड़भाड़ वाले शहरों में इन्हें लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में यातायात पुलिस से कहा गया है कि वह सर्वे करें। कहां-कहां ‘टायर किलर’ उपकरण लगाए जा सकते हैं। उसके बाद बजट का प्रावधान किया जाएगा।
क्यों हुई जरूरत महसूस
दरअसल, बुधवार रात आईएमए के सामने गलत लेन से आ रही तेज रफ्तार वैन ने दो दुपहिया वाहनों में टक्कर मार दी थी। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके अलावा भी हर दिन शहर में छोटी-छोटी दुर्घटनाएं गलत लेन में वाहन चलाने के कारण हो रही हैं। चौराहों पर आगे निकलने की आपाधापी में जाम भी लग रहा है। ‘टायर किलर’ लगने से आपाधापी पर अंकुश लग सकता है।