सुचित नारंग करता था छेड़छाड़ चुप रहती थीं निदेशक अनुराधा
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
मॉडल स्कूल फॉर विजुअली हैंडीकैप्ड (एमएसवीएच) मेें दृष्टिबाधित छात्राओं से छेड़छाड़ और शारीरिक शोषण मामले में बुधवार को केंद्रीय मंत्रालय से आए जांच अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से बात की। छात्र-छात्राओं ने उनसे भी सुचित नारंग पर आरोप और उस पर निदेशक अनुराधा डालमिया के रवैये को दोहराया। उन्होंने कहा कि सुचित नारंग छात्राओं से छेड़छाड़ करता था, जबकि अनुराधा इस पर मौन हो जाती थीं। अधिकारियों ने संस्थान के कर्मचारियों से भी पूछताछ की और गर्ल्स व ब्वॉयज हॉस्टल का निरीक्षण किया।
इस मामले में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से दो सदस्यीय टीम को जांच के लिए देहरादून आई है। इनमें डॉ. केवीएस राव और एके सिन्हा शामिल हैं। दोनों अधिकारी बुधवार को तीन बजे एमएसवीएच परिसर पहुंचे। उन्होंने पहले 10 साल तक के बच्चों को बुलाया और उनसे संस्थान की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने निदेशक अनुराधा डालमिया से पूछताछ की। लगभग 4.30 बजे अधिकारियों ने प्रदर्शन में शामिल बच्चों को बारी-बारी से हॉल में बुलाकर उनसे सारे घटनाक्रम को जाना।
छात्रों ने उनके सामने अपनी 30 सूत्रीय मांगें रखीं और उन्हें जल्द पूरा कराने की बात उठाई। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि अब तक उन्हें एफआईआर की कॉपी भी नहीं दी गई है और न ही सुचित नारंग को गिरफ्तार किया गया है। छात्रों से जानकारी लेने के बाद बाहर निकले अधिकारियों ने कहा कि वे अभी तीन दिन और देहरादून में हैं। वे खुद व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को देंगे। इसके बाद ही तय किया जाएगा कि निदेशक के खिलाफ क्या कार्रवाई होनी है ।
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बारीकी से किया निरीक्षण
अधिकारियों ने मुकदमे की विवेचना अधिकारी एसआई विनीता चौहान के साथ पहले गर्ल्स हॉस्टल का निरीक्षण किया और फिर ब्वॉयज हॉस्टल का। अधिकारियों ने किचन, भंडार गृह और बाथरूम आदि का भी निरीक्षण किया। हॉस्टलों के प्रत्येक कमरे में विभिन्न तरह की व्यवस्थाओं की भी बारीकी से जांच की।