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नहीं लगा धमकी वाला पत्र भेजने वाले का सुराग

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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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ग्राफिक एरा ग्रुप के प्रेसीडेंट प्रोफेसर कमल घनशाला को पत्र भेजकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस अभी खाली हाथ है। जिस पोस्ट ऑफिस से पत्र स्पीड पोस्ट किया गया था, उसमें कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। ऐसे में संदिग्ध तक आसानी से पहुंचने का यह रास्ता बंद हो गया है। अब पुलिस की जांच विवि से जुड़े लोगों पर ही केंद्रित हो गई है। पुलिस अब शिक्षकों और विवि के अन्य स्टाफ से पूछताछ करेगी।
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सोमवार को प्रोफेसर घनशाला को जान से मारने की धमकी भरा पत्र मिलने का मामला सामने आया था। यह पत्र ग्राफिक एरा विवि के ऑफिस में शनिवार को मिला था। पत्र भेजने वाले व्यक्ति ने घनशाला और उनके साम्राज्य को समाप्त करने की धमकी दी थी। प्रकरण में ग्राफिक एरा विवि के प्रशासनिक अधिकारी बीके कौल की शिकायत पर थाना क्लेमेंटटाउन पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले की जांच कर रहे थानाध्यक्ष डीएस नेगी ने बताया कि पुलिस अजबपुर कलां स्थित पोस्ट ऑफिस गई थी, जहां से नौ मई को स्पीड पोस्ट किया गया था। वहां मालूम पड़ा कि पोस्ट ऑफिस में कोई सीसीटीवी कैमरा ही नहीं लगा है। साथ ही पता चला कि नौ मई को वहां से 35 स्पीड पोस्ट किए गए थे। ऐसे में जिस व्यक्ति ने विवि को स्पीड पोस्ट किया उसकी पहचान काफी मुश्किल है। पुलिस अब विवि से जुड़े लोगों से पूछताछ करेगी। इसी के आधार पर असल आरोपी तक पहुंचा जा सकेगा।
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