ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
एक होटल के कमरे में अलग-अलग समुदाय के एक जोड़े के ठहरने की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे हिंदू संगठनों के लोगों ने जमकर हंगामा किया। काफी देर तक वे जोड़े के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे, लेकिन सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जोड़े से पूछताछ की तो पता चला कि लड़की और लड़का दोनों नाबालिग हैं। लिहाजा पुलिस ने बिना किसी कार्रवाई के परिजनों को बुलाकर जोड़े को उनके सुपुर्द कर दिया। इसके बाद हंगामा कर रहे हिंदू संगठनों के लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हिंदू संगठन के कार्यकर्ता रणवीर नागर को शनिवार दोपहर को सूचना मिली कि अलग-अलग समुदाय का एक जोड़ा होटल में ठहरा है। इसके बाद बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता रामपुर चुंगी के समीप स्थित होटल के बाहर पहुंच गए। इसी बीच किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। हिंदू संगठनों के लोगों के पहुंचने की सूचना पर पुलिस हरकत में आई और मौके की ओर दौड़ पड़ी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जोड़े को होटल के कमरे से बाहर निकाल लिया। कार्यकर्ताओं ने पूछताछ की तो दोनों अपने बारे में जानकारी देने में आनाकानी करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने जोड़े को कब्जे में लेना चाहा तो कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि दोनों नाबालिग हैं। इसके बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे, लेकिन पुलिस ने उनके नाबालिग होने का हवाला देते हुए मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया। इस पर कार्यकर्ता हंगामा करने लगे। पुलिस ने बमुश्किल कार्यकर्ताओं को किसी तरह समझा बुझाकर शांत किया और जोड़े को कोतवाली ले आई। यहां दोनों से पूछताछ करने के बाद उनके परिजनों को सूचना दी गई। गंगनहर कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि दोनों नाबालिग सहारनपुर क्षेत्र के रहने वाले थे। उनके परिजनों को फोन पर सूचना देकर बुलाया गया और उन्हें हिदायत देकर दोनों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।