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सड़क पर बाइक से स्टंटबाजी में युवक गिरफ्तार

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार को सड़क पर स्टंटबाजी कर वाहन चालकों एवं राहगीरों में दहशत फैलाने वाले एक बाइक सवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बाइक सीज करने के बाद युवक के ड्राइविंग लाइसेंस के निरस्तीकरण की आरटीओ को संस्तुति की है।
पुलिस के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम करीब 5:30 बजे बाइक (यूके 07 बीजी 8029) पर एक युवक स्टंटबाजी करते हुए परेड ग्राउंड के आगे सड़क से गुजरा। युवक की बेतरतीब बाइक चलाते देख सड़क पर चल रहे दूसरे वाहन चालक और सड़क किनारे पैदल चलने वालों में दहशत मच गई। यह देख ड्यूटी पर तैनात सीपीयू प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार ने बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह सर्वे चौक की ओर भाग गया। इसके बाद प्रदीप कुमार ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। इस पर सर्वे चौक के पास बाइक सवार को दबोच लिया गया। पुलिस के मुताबिक बाइक सवार रजत पंवार निवासी सुुंदरवाला रायपुर का एमवी एक्ट की धारा 202 में चालान कर गिरफ्तार कर लिया है। उसकी बाइक सीज कर डालनवाला थाने को सुपुर्द कर दी गई है। इसके अलावा रजत के ड्राइविंग लाइसेंस के निरस्तीकरण की संस्तुति आरटीओ को भेजी गई है।
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आईपीसी की धाराओं में सजा का है प्रावधान
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सड़क पर स्टंटबाजी कर लोगों में दहशत फैलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस को आईपीसी की धारा 353, 186 और 279 के तहत मुकदमा दर्ज करने का अधिकार है, लेकिन पुलिस इन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने से बचती है।
यही वजह है कि बाइकर्स पुलिस के सामने से बेखौफ होकर गुजर जाते हैं। हालांकि पकड़े जाने पर पुलिस एमवी एक्ट की धारा 202 और 194 (1), 115 और 178 के तहत चालान करती है। इसमें मात्र जुर्माने का प्रावधान है और थाने से जमानत मिल जाती है।
दून में बाइकर्स का उत्पात
देहरादून शहर के विभिन्न हिस्सों में बाइकर्स उत्पात मचाते हैं। कॉलेज एवं इंस्टीट्यूटों के आसपास बाइकर्स स्टंटबाजी करते हैं। इसकी वजह से अक्सर हादसे भी होते हैं,, लेकिन बाइकर्स पर सख्ती न होने से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। हालांकि दिल्ली समेत कई राज्यों में स्टंटबाजी करने वालों पर पुलिस आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने लगी है। इससे वहां स्टंटबाजी के मामलों में कमी की बात सामने आई है।
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यह है सजा का प्रावधान
आईपीसी की धारा 186 के तहत बिना पूर्व इजाजत किसी भी वाहन से रेस लगाना प्रतिबंधित है। पकड़े जाने पर गिरफ्तारी और सजा का प्रावधान है। बाइकर्स का पीछा करने में आईपीसी की धारा 353 के तहत सरकारी कार्य में बाधा डालने पर गिरफ्तार और अधिकतम छह माह की सजा हो सकती है। आईपीसी की धारा 279 के तहत खतरनाक ड्राइविंग करने पर भी एक से छह माह की सजा का प्रावधान है। नाबालिग के खतरनाक ड्राइविंग में पकड़े जाने पर वाहन स्वामी के खिलाफ कार्रवाई का कानून है। आईपीसी की इन धाराओं में वाहन चालक का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाती है।
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