ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून। फर्जी शिक्षा बोर्ड के मामले में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहरों में छापेमारी के बाद सीबीआई की आठ टीमें देहरादून लौट आईं हैं। इस दौरान टीमों ने जगह-जगह से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए हैं। इस प्रकरण में अब सीबीआई उन शिक्षकों के ठिकानों पर छापेमारी करेगी जो इस बोर्ड की मार्कशीट पर नौकरी कर रहे थे।
गौरतलब है कि पिछले दिनों सीबीआई की गाजियाबाद और लखनऊ शाखा ने फर्जी शिक्षा बोर्ड (बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, मध्य भारत, ग्वालियर) प्रकरण में मुकदमे दर्ज किए थे। इन मुकदमों में शिक्षा बोर्ड के कथित चेयरमैन व अधिकारियों समेत 26 लोग नामजद हैं। हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेशों के बाद सीबीआई देहरादून की प्राथमिक जांच के बाद ही ये मुकदमे दर्ज किए गए थे। लिहाजा इन जांचों को पिछले दिनों देहरादून ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद सीबीआई ने कुल आठ टीमों को मध्य प्रदेश के ग्वालियर, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, संभल और कासगंज में छापेमारी के लिए भेजा गया था। बताया जाता है कि इस बोर्ड के गाजियाबाद कार्यालय का संचालन महेश चंद्रवंशी और ग्वालियर कार्यालय का संचालन गंगा दयाल शाक्य करता है। सीबीआई ने इन दोनों जगहों से बोर्ड के दस्तावेज और कुछ मोहरें बरामद की हैं। सूत्रों के मुताबिक इस बोर्ड के कथित चेयरमैन व अन्य अधिकारियों के खिलाफ हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में भी मुकदमे दर्ज हैं। सीबीआई इन राज्यों की पुलिस से भी इस संबंध में साक्ष्य जुटाने में जुट गई है। बताया जा रहा है कि सीबीआई ने दिल्ली पुलिस से बोर्ड के कथित चेयरमैन के संबंध में जांच के साक्ष्य जुटाए हैं। बताया जा रहा है कि अभी उन शिक्षकों के ठिकानों पर भी छापेमारी की जाएगी जो इस बोर्ड की मार्कशीट के माध्यम से शिक्षक की नौकरी कर रहे हैं। इनमें नोएडा, गाजियाबाद, बिजनौर समेत ग्वालियर के कई शहरों के शिक्षक शामिल हैं।