ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। तीर्थनगरी में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी का धंधा लगातार जारी है। मामला संज्ञान में होने के बावजूद पूर्ति विभाग इस गोरखधंधे पर लगाम नहीं लगा पा रहा है। शहर में करीब 25 हजार गैस सिलिंडरों की सप्लाई है, लेकिन इनमें रीफिलिंग कर कर्मचारी प्रत्येक सिलिंडर से गैस चोरी कर लेते हैं। नगर क्षेत्र में महज पांच दिन के भीतर ही सिलिंडरों से गैस चोरी के दो मामले सामने आ चुके है। बावजूद जिम्मेदार सरकारी नुमाइंदे मूकदर्शक बने हुए हैं।
शहर में चोरीछिपे नहीं, सरेआम बेखौफ इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है। उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने घरेलू सिलिंडर का मूल्य 826 रुपये निर्धारित किया है, इसमें सब्सिडी सीधे संबंधित ग्राहक खाते में आती है। इस रकम से उपभोक्ता को 14.2 किलोग्राम से भरा गैस सिलिंडर मिलता है। ऐसे में उससे लगभग चार से नौ किलोग्राम गैस बीच में ही चोरी कर ली जा रही है। ब्लैक मार्केट में चोरी की गैस से भरा सिलिंडर 900 से 1000 हजार रुपये में बेचा जा रहा है। गैस की कालाबाजारी का एक के बाद एक मामला सामने आने के बाद भी प्रशासन बेसुध है।
भोले भाले लोगों पर लगा रहे चूना
नगर क्षेत्र में अक्सर लोग गैस सप्लाई कर्मचारियों पर भरोसा कर लेते हैं और वह गैस सिलिंडर की डिलीवरी लेते समय उसमें गैस के वजन की जांच नहीं करते हैं। इसी का फायदा उठाकर कर्मचारी रीफिलिंग का धंधा चला रहे हैं, जिससे वह रोजाना हजारों रुपये की काली कमाई करने में जुटे हैं। जबकि सरकार और बाटमाप विभाग लगातार नागरिकों को जागरूक करता है कि सिलिंडर लेते समय उसमें गैस का वजन जरूर देख लें, मगर लोगों की भोलापन ही अब उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
14 सितंबर : इंदिरानगर में लोगों ने एक गैस एजेंसी के सप्लाई वाहन को पकड़ा था। वाहन से 33 सिलिंडर जब्त कर लिए। जब गैस सिलिंडरों की जांच बाट माप विभाग से कराई गई तो प्रत्येक सिलिंडर में करीब चार किलोग्राम गैस कम मिली।
18 सितंबर : चंद्रेश्वरनगर में एक गैंस एजेंसी के कर्मचारियों को स्थानीय लोगों ने सिलिंडर से रीफिलिंग करते हुए पकड़ा। वाहन में 21 सिलिंडर जब्त किए गए। जांच में प्रत्येक सिलिंडर में 3 से 9 किलोग्राम तक गैस कम मिली।
कोट्स
नगर क्षेत्र में गैस एजेंसियों में समय समय पर औचक छापेमारी की जाती है, जिसमें स्टॉक में रखे सिलिंडरों का वजन कराया जाता है। हाल में सामने आए दोनों प्रकरणों में एजेंसियों की संलिप्तता की जांच भी की जा रही है। लापरवाही मिलती है, तो सिर्फ कर्मचारी ही नहीं, बल्कि एजेंसी प्रबंधन के खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जाएगा। विभाग गैस की घटतौली रोकने पर चेकिंग अभियान भी चला रहा है।
- विजय डोभाल, पूर्ति निरीक्षक, ऋषिकेश।
जनता से अपील है कि वह इस तरह के कोई भी मामला सामने आने पर तत्काल इसकी जानकारी पूर्ति विभाग या फिर प्रशासन को दें। तत्काल उस पर एक्शन लिया जाएगा। गैस सिलिंडर की डिलीवरी लेते समय उपभोक्ता भी जागरुकता का परिचय देते हुए गैस का वजन जरूर जांच लें।
- हर गिरि, एसडीएम, ऋषिकेश