ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। मुनिकीरेती में पुलिस की आवासीय कॉलोनी से एक महिला पुलिसकर्मी का कमरा खाली कराने के दौरान विवाद हो गया। महिला पुलिसकर्मी ने अधिकारियों की मौजूदगी में कमरा खाली करने के विरोध में हंगामा कर दिया। बावजूद इसके पुलिसकर्मियों ने कमरे को खाली कराकर सामान को तपोवन चौकी में रखवा दिया। सीओ ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। महिला पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
पुलिस क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर जेपी जुयाल के मुताबिक एसएसपी कार्यालय से मुनिकीरेती स्थित पुलिस की आवासीय कॉलोनी से कांस्टेबल विमला नेगी को कमरा खाली करने का नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समयसीमा के पूरा होने के बाद भी कमरे को खाली नहीं किया गया। ऐसे में पुलिसकर्मियों को साथ लेकर कमरे को खाली कराया गया। महिला पुलिसकर्मी के सामान को सुरक्षित तपोवन पुलिस चौकी के कमरे में रखवाया गया है। इसी बीच कांस्टेबल विमला नेगी को कार्रवाई की भनक लग गई। वह सीधे आवासीय कॉलोनी पहुंची और हंगामा करने लगी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने उसे समझा बुझाकर किसी तरह से शांत कराया।
...तो किया आत्मदाह का प्रयास
मुनिकीरेती में आवासीय कॉलोनी से कमरा खाली कराने के मामले में सूत्रों का कहना है कि महिला पुलिसकर्मी अपनी एक साल की मासूम बेटी के साथ मौके पर पहुंची थी। उसने विभागीय कार्रवाई का विरोध करते हुए आत्मदाह का प्रयास किया, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी करने निर्देश आला अधिकारियों ने दिए, लेकिन मामला विभाग से जुड़ा होने के चलते इसे रफा दफा कर दिया गया। हालांकि, सीओ जेपी जुयाल ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
क्या कहते हैं सीओ
कांस्टेबल विमला नेगी की पोस्टिंग उधमसिंहनगर में सालभर पहले हुई थी, जिसके बाद एसएसपी कार्यालय टिहरी की ओर से उसे कमरा खाली करने का नोटिस जारी किया गया था, मगर विमला ने कमरा खाली नहीं किया। उनके पति भी पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर हैं और वह हरिद्वार में तैनात हैं। पुलिसकर्मी के हंगामा करने का मामला संज्ञान में है। पड़ताल की जा रही है। लापरवाही की पुष्टि होने पर विभाग से विमला नेगी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
जेपी जुयाल, सीओ, नरेंद्रनगर।