ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। ग्रामसभा बिनक राजस्वग्राम मंगलिया गांव के बेलूकंल्द तोक में गत वर्ष किए गए सीसी मार्ग निर्माण में खुलेआम धांधली हुई। तोक में 150 मीटर मंजूर सड़क को सिर्फ 65 मीटर बनाकर छोड़ दिया गया। इसका खुलासा आरटीआई से हुआ। ब्लॉक डेवलपमेंट अधिकारी (अधिकारी) ने निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने बजाए उसे क्लीन चिट दे दी। आरटीआई कार्यकर्ता आनंद सिंह नयाल व ग्रामसभा के वार्ड सदस्य शेर सिंह नयाल का कहना है कि संपर्क मार्ग निर्माण संबंधी दस्तावेजों में धनराशि के खर्च में धांधली स्पष्ट तौर पर उजागर हुई है, बावजूद इसके बीडीओ से जांच की मांग की गई थी, जिसमें गठित जांच कमेटी की ओर से भी घपलेबाजी पर पर्दा डालने की कोशिश की गई है।
यमकेश्वर ब्लॉक की बिनक ग्रामसभा के मंगलिया गांव में वर्ष 2017 में 150 मीटर सीसी मार्ग की मंजूरी मिली थी। जिसके तहत निर्माण एजेंसी ग्रामसभा को मार्ग का निर्माण करना था। कार्य के लिए निर्धारित डेढ़ लाख की वित्तीय मंजूरी थी। आरटीआई कार्यकर्ता का आरोप है कि उक्त सीसी मार्ग निर्माण का बजट डेढ़ लाख की जगह दो लाख कर दिया गया। जबकि मौके पर 150 मीटर सीसी सड़क निर्माण की बजाए 65 मीटर सीसी मार्ग का निर्माण ही किया गया। संबंधित योजना की जब सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो उसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरटीआई में दी गई जानकारी में यूटीलिटी वाहन से ऋषिकेश से बिनक तक सीसी मार्ग निर्माण के लिए 104 कट्टे सीमेंट का ढुलान दर्शाया गया है। जबकि बिनक से मंगलिया गांव तक खच्चरों के जरिए 124 कट्टों का ढुलान दर्शाया है। मजेदार बात यह है कि उक्त सीमेंट के कट्टों के बाबत आरटीआई में दी गई जानकारी में कट्टों की खरीद के बाउचर में 114 सीमेंट के कट्टे दर्शाए गए हैं।
सीमेंट के कट्टों का भाव अलग-अलग
आरटीआई में ग्रामसभा द्वारा उपलब्ध कराए गए सीमेंट के कट्टों के बाउचर में 52 कट्टे सीमेंट की खरीद 370 रुपये प्रति कट्टा बताई गई है, जिसमें प्रतिशत वेट यानि 4700 का वेट दर्शाया गया है। जबकि 42 कट्टों की खरीद 370 रुपये वेट सहित रेट बताया गया है। 12 कट्टे सीमेंट की खरीद प्रति कट्टा 289 रुपये और आठ कट्टे सीमेंट का रेट 281 रुपये प्रति कट्टा बताया गया है, जिसके बाउचर में 14 प्रतिशत जीएसटी दो बार दर्शाई गई है।
सीमेंट बाद में खरीदा तो पहले कैसे बन गई सड़क
सीसी मार्ग निर्माण के मस्टररोल में निर्माण कार्य जून 2017 दर्शाया गया है, जबकि मार्ग निर्माण के लिए सीमेंट की खरीद के बिल में खरीदने की तिथि पांच जुलाई व 10 जुलाई 17 दर्शाई गई है। आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है कि दस्तावेजों व भौतिक तौर पर उक्त तमाम धांधलियों के सबूत होने के बावजूद बीडीओ निर्माण एजेंसी को क्लीन चिट दे दी गई है। जांच में कार्य को संतोषजनक बताया गया।
सब काम ठेके पर तो श्रमिकों को क्यों रखा
मस्टररोल में सीसी मार्ग के निर्माण में कार्य करने वाले श्रमिकों की संख्या 23 बताई गई है। जबकि उक्त श्रमिकों के कार्य का ठेका यानि पत्थर गड़ान व सरान जितेंद्र सिंह पुत्र बचन लाल को 22,868 रुपये जबकि रेता गड़ान व सरान का ठेका 12,134 रुपये में जितेंद्र सिंह को ही दर्शाया गया है। सवाल है कि यदि सभी कार्य ठेके पर दिए गए थे तो इसके लिए 23 श्रमिकों को क्यों रखा गया।
सड़क की नापजोख के बाद निर्धारित धनराशि का ही भुगतान किया गया होगा। दरअसल यह तकनीकी पहलू है, मामले में दस्तावेजों के सामने होने पर ही कुछ ठीक से कहा जा सकता है। यदि तीन सदस्यीय कमेटी की जांच में कुछ गलत नहीं पाया गया, संभवत: तभी ब्लॉक विकास अधिकारी की ओर से मामले को क्लीनचिट दी गई होगी।
- रमेश सिंह नेगी, सहायक ब्लॉक विकास अधिकारी, यमकेश्वर।
मंगलिया गांव में सीसी मार्ग निर्माण में गोलमाल के मामले की शिकायत मिली थी। जिस पर खंड स्तरीय टीम से जांच कराई गई। टीम में एडीओ पंचायत, एबीडीओ व विभागीय इंजीनियर शामिल थे। टीम की रिपोर्ट में कहीं गड़बड़ी नहीं मिली। जांच रिपोर्ट को डीडीओ पौड़ी को भेज दिया गया है। मामले में डीडीओ के निर्देश पर ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- अर्पणा बहुगुणा, खंड विकास अधिकारी, यमकेश्वर पौड़ी गढ़वाल।