ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
छात्राओं के शारीरिक शोषण के मामले में राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान (एनआईवीएच) एक बार फिर चर्चाओं में है। संस्थान के कुछ छात्रों ने एक अध्यापक पर छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। मामले में उन्होंने पुलिस को शिकायत नहीं की बल्कि संस्थान के भीतर प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है। आरोप है कि अध्यापक ने कक्षा के दौरान छात्राओं के साथ गलत हरकत की है। हालांकि, संस्थान की डायरेक्टर के पास भी इसकी कोई शिकायत नहीं है।
दरअसल, एनआईवीएच के छात्रों ने जो वीडियो वायरल किया है उसमें वे संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। इसमें कुछ मांगों को भी पूरी करने की बात कही जा रही है। इस बीच कुछ छात्राओं का भी आरोप है कि चार साल पहले एक अध्यापक ने कक्षा के दौरान छात्राओं से गलत हरकतें की थीं। छात्रों का यह भी आरोप है कि संस्थान के कुछ लोग इस मामले को दबाने का दबाव बना रहे हैं। वायरल वीडियो में छात्रों का कहना है कि संस्थान में जानबूझकर पुलिस और मीडिया को भी दूर रखा जा रहा है, ताकि बात ज्यादा न बढे़े। हालांकि, पुलिस के पास अब तक इसकी कोई शिकायत नहीं है। एसपी सिटी प्रदीप कुमार राय ने बताया कि न तो थाने में और न ही उनके पास इस संबंध में कोई शिकायत आई है। यदि शिकायत आती है तो प्रबंधन से बात कर इसकी जांच की जाएगी।
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शिक्षकों की राजनीति से प्रेरित है मामला : डायरेक्टर
संस्थान की डायरेक्टर अनुराधा डालमिया का कहना है कि यह मामला अध्यापकों के दो गुटों की राजनीति से प्रेरित है। पिछले दिनों संगीत के शिक्षक रमेश कश्यप पर एक छात्र ने शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था। इस मामले में रमेश को गिरफ्तार किया गया और वर्तमान में वह जेल में बंद है। इस प्रकरण में संस्थान के एक अध्यापक गवाह भी हैं। डालमिया का कहना है कि रमेश गुट के कुछ लोगों ने छात्राओं को गवाह बने शिक्षक के खिलाफ भड़काया है, जिससे वह अपनी गवाही से हट जाएं। अब उन पर उल्टे, सीधे आरोप लगाए जा रहे हैं। इस मामले में गवाह बने शिक्षक ने पिछले दिनों एसएसपी से भी शिकायत की थी।