सवालों के घेरे में सत्य प्रकाश की हत्या की पुलिसिया कहानी
परिजनों को खंडहर में मिला सत्यप्रकाश का गिलास, खंडहर में हत्या किए जाने का शक
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। इंदिरानगर के समीप एक सरकारी भवन के खंडहर में सत्यप्रकाश त्यागी का गिलास मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने गिलास को सत्यप्रकाश का ही बताया। इसके साथ ही बीते दिवस पुलिस द्वारा बताई गई हत्या की कहानी पर सवाल भी उठाए।
पुलिस के मुताबिक टीएचडीसी स्थित पीपल गेट के करीब विद्युत पोल के समीप सत्यप्रकाश का गला घोंटा गया था, लेकिन अब उसका गिलास यहां एक सरकारी भवन के खंडहर से मिलने पर पुलिस की हत्या की कहानी सवालों के घेरे में आग गई है। यह सवाल किसी और ने नहीं, बल्कि खुद मृतक के परिजनों ने उठाए हैं।
खास बात यह भी है कि जिस स्थान का पुलिस ने जिक्र किया है, वह टीएचडीसी गेट के निकट पीपल के पेड़ के पास विद्युत पोल है, लेकिन टीएचडीसी गेट पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती रहती है। ऐसे में घटना के वक्त उन्हें भी कुछ नहीं दिखा, यह भी समझ से परे है। वहीं बृहस्पतिवार को सत्य प्रकाश के भाई राकेश त्यागी और गंगा गिरि त्यागी ने खंडहर में पहुंचकर गिलास की पहचान की। उन्हें उक्त स्थान पर देसी शराब का खाली पव्वा, जूतों के निशान और घास बिछी भी मिली। सत्यप्रकाश के शव मिलने के स्थान से खंडहर महज 14 फीट की दूरी पर है। उनका दावा है कि सत्यप्रकाश की हत्या इसी स्थान पर की गई होगी।
कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि पुलिस की कहानी सही है। व्यक्ति की हत्या हुई है और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। मामले की तफ्तीश का काम पुलिस का है, न कि परिजनों का। गौरतलब है कि पुलिस को सत्यप्रकाश त्यागी (36) पुत्र रतिराम त्यागी निवासी नेहरुग्राम, इंदिरानगर, ऋषिकेश का शव बीते पांच अगस्त को इंदिरानगर में रेलवे लाइन के किनारे नाले में मिला था।