ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
ऑपरेशन शिनाख्त की टीम ने तीन साल पूर्व वेद निकेतन आश्रम के पास गंगा किनारे मिले एक युवक के शव की पहचान का दावा किया है। इसके बाद टीम ने बृहस्पतिवार को युवक के कपड़े आदि परिजनों के सुपुर्द कर दिए। ऑपरेशन शिनाख्त कोटद्वार की टीम के प्रभारी मनोज मेनवाल ने बताया कि लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र अंतर्गत 6 अगस्त-2015 को वेद निकेतन आश्रम के पास गंगा किनारे से एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। शिनाख्त नहीं होने के बाद मामला ऑपरेशन शिनाख्त टीम के सुपुर्द किया गया था।
इसके बाद युवक का फोटो और उसके कपड़ों की फोटो को उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों में सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल किया गया। लंबे समय बाद टीम को बृहस्पतिवार को कामयाबी मिली। युवक से संबंधित पूछताछ के बाबत करनाल पुलिस ने शिनाख्त टीम से संपर्क किया और युवक के हुलिए की जानकारी दी। इसके बाद शिनाख्त टीम ने करनाल जिले के गरौंदा थाना पुलिस की मदद से परिजनों से संपर्क किया और युवक व उसके कपड़ों की फोटो भेजी।
इस पर परिजनों ने करमजीत सिंह (35) पुत्र जीत सिंह निवासी हसनपुर, करनाल, हरियाणा के रूप में शिनाख्त की। इसके बाद करमजीत सिंह के भाई राजेंद्र पाल, नरेंद्र और सतीश कुमार बृहस्पतिवार को लक्ष्मणझूला थाने पहुंचे। जहां करमजीत के कपड़े आदि सुपुर्द कर दिए गए। परिजनों के अनुसार बीते 30 जुलाई 2015 को करमजीत हरिद्वार घूमने निकला था, लेकिन इसके बाद घर नहीं लौटा। इस बाबत भाई राजेंद्र की ओर से गरौंदा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।