ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला।
सौंग नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग को लेकर बेमियादी धरने पर बैठे ग्रामीणों की आत्मदाह की चेतावनी पर प्रशासन अलर्ट हो गया। चेतावनी के मद्देनजर उपजिलाधिकारी हर गिरि, सिंचाई विभाग से सहायक अभियंता सुधीर कुमार ममंगाई और पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत भी रायवाला थाने पहुंच गए। प्रशासन ने आनन-फानन में बृहस्पतिवार तड़के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ग्राम प्रधान ध्यान सिंह असवाल को पुलिस की मदद से घर से हिरासत में ले लिया। इसकी जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों और ग्राम प्रधान संगठन से जुड़े ग्राम प्रधान रायवाला थाने पहुंच गए, जहां उक्त कार्रवाई को लेकर उनकी पुलिस प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ नोंकझोंक हुई।
प्रशासन ने ग्रामीणों को आत्मदाह जैसे कदम नहीं उठाने की हिदायत दी है। मामले में उपजिलाधिकारी ने एडीएम स्तर पर कार्य शुरू कराने की स्वीकृति की बात कही है। जबकि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने स्वीकृति मिलने के तत्काल बाद बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कराने का भरोसा दिया गया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीण शांत हुए और आत्मदाह की चेतावनी वापस लेते हुए उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू नहीं होने तक धरना प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया। प्रदर्शनकारियों में ग्राम प्रधान संगठन से शाकुंबरी बिष्ट, सरोप सिंह पुंडीर, सतीश रावत, उदीना नेगी, शोभा रावत, गोकुल रमोला, ग्रामीण संजय थापा, वीरेंद्र थापा, तपेंद्र सिंह रावत, मनु थापा, कमला राना, ऊषा देवी, सीमा राई, देवकला, पूजा गुरंग आदि शामिल थे।
ग्रामीणों ने दूसरी बार धरना-प्रदर्शन किया शुरू
रायवाला। साहबनगर में अवैध खनन पर रोक लगाने और बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कराने को लेकर साहबनगर बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीण पूर्व में बेमियादी धरना और आमरण अनशन कर चुके हैं। आमरण अनशन समाप्त कराने के लिए तहसीलदार और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आंदोलित ग्रामीणों को 15 दिन के भीतर कार्य शुरू कराने का भरोसा दिया गया था। पखवाड़ा बीतने के बाद भी जब कार्य शुरू नहीं हुआ तो बरसात में बाढ़ के खतरे से आशंकित ग्रामीणों ने बीती 19 मई को दोबारा बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बावजूद इसके पूर्व में भरोसा देने वाले प्रशासन की ओर से उनकी कोई सुध नहीं ली गई। प्रशासनिक उदासीनता से त्रस्त ग्रामीणों ने बीते दिवस आत्मदाह की चेतावनी दी थी।