ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती।
नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक में 2016 के अर्द्ध कुंभ मेला बजट में हुई गड़बड़ी की जांच तो पूरी कर ली गई है, लेकिन अधिकारी इस मामले में अब तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। इस संबंध में एसडीएम को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी से पता चला कि अर्द्ध कुंभ मेले के दौरान कूड़ा निस्तारण के लिए महंगे दामों पर सामान खरीदा गया। खासकर रिक्शे, हाथ कूड़ा गाड़ी, कलस्टर बिन, छोटे कूड़ेदान आदि सामान की खरीद में करीब 5,74,260 रुपये की गड़बड़ी का आरोप है। उपजिलाधिकारी यमकेश्वर को प्रेषित ज्ञापन में रामचंद्र जोशी ने चेताया कि यदि जल्द जांच रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया गया, तो एक सप्ताह बाद आंदोलन शुरू किया जाएगा।
आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक कूड़ा निस्तारण के लिए निकाय प्रशासन ने दो मार्च 2016 को 15,905 रुपये की दर से 12 रिक्शे 1,90,860 रुपये की लागत से खरीदे गए थे। जबकि 22 फरवरी 2018 को रेट 9000 प्रति रिक्शा था। 12 रिक्शों की कीमत 1,08,000 थी, जिसमें खरीद का अंतर 82,8,60 पाया गया। इसके अलावा 15 फरवरी 2016 को 5200 रुपये प्रति सफाई हाथ कूड़ा गाड़ी की दर से 50 गाड़ियां 2,60,000 की कीमत में खरीदी गईं। जबकि 18 फरवरी 2016 को हाथ कूड़ा गाड़ी का रेट 3400 की प्रति नग की दर से 50 नगों की कीमत 1,70,000 थी। दोनों भाव में 90,000 अंतर पाया गया।
तीन मार्च 2016 को 27,905 प्रति नग की दर से 20 कलस्टर बिन 5,58,100 रुपये में खरीदे गए, जबकि 19 फरवरी 2018 को बाजार भाव जीएसटी सहित 12,000 रुपये प्रति नग के हिसाब से 20 कलस्टर बिन की कीमत 2,40,000 थी। दोनों भाव में खरीद का अंतर 3,18,100 पाया गया। एक मार्च 2016 को बोर्ड द्वारा 2190 प्रति नग की दर से 70 छोटे कूड़ेदान 1,53,300 रुपये में खरीदे गए जबकि 19 फरवरी 2018 को बाजार भाव 1000 रुपये प्रति नग की दर से 70,000 बैठती है। दोनों में अंतर 83,300 पाया गया। इस प्रकार उपरोक्त चारों आइटमों की खरीद व वर्तमान बाजार भाव में कुल 5,74,260 रुपये का अंतर पाया गया।
क्या कहते हैं अधिकारी
मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को भेज दी गई है। इसके बाद उन्हीं के स्तर से कार्रवाई की जानी है।
- डबल सिंह रावत, नायब तहसीलदार यमकेश्वर
नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक में अर्द्ध कुंभ मेला बजट में धांधली संबंधी जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। 10 दिन के मेडिकल अवकाश पर हूं। इसके बाद रिपोर्ट का अध्ययन कर प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- कमलेश मेहता, उपजिलाधिकारी यमकेश्वर।