ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
एक व्यापारी से मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में विवेचना के लिए पुलिसकर्मी बीते बुधवार को एम्स पहुंचे। बताया गया कि संस्थान के अधिकारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसके साथ ही एम्स में पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी किये जाने की बात भी सामने आई है, हालांकि, एम्स प्रशासन ने इस तरह की किसी बात से स्पष्ट तौर पर इनकार किया है।
पुलिस के मुताबिक बीते बुधवार को रेलवे रोड पर वृत्त मेगामार्ट के नाम से दुकान चलाने वाले व्यापारी विद्यावृत्त शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। मामले का लिंक एम्स से होने के चलते पुलिसकर्मी संबंधित लोगों की पहचान के लिए संस्थान में पहुंचे। उन्होंने एम्स के डीन समेत अन्य अधिकारियों से जांच में सहयोग करने के लिए कहा। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस दौरान संस्थान प्रशासन मामले की जांच में पुलिस का सहयोग नहीं कर रहा है।
प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि संस्थान की ओर से जांच में सहयोग नहीं किया जा रहा है। बावजूद इसके पुलिस तफ्तीश में जुटी है। बताया कि अज्ञात आरोपियों की पहचान के बाद उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। गौरतलब है कि दुकान स्वामी ने आरोपियों में एम्स से जुड़े लोगों के होने की बात कही थी, जिस पर पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच के लिए संस्थान में पहुंची थी।
क्या कहते हैं एम्स पीआरओ
एम्स प्रशासन पुलिस को जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी की चर्चा सिर्फ अफवाह है। संस्थान मामले में पूरी सहायता के लिए तैयार है।
- हरीश थपलियाल, पीआरओ, एम्स, ऋषिकेश