कुणाल दरगन
हरिद्वार।
भले ही हरिद्वार पुलिस ने कुख्यात सुनील राठी की मां राजबाला की गिरफ्तारी कर बड़ी साहसिक पहल की है, लेकिन उसकी गहरी जड़ों को उखाड़ फेंकना बड़ी चुनौती है। बताया जाता है कि हरिद्वार जिले में राठी के गुर्गों में लफंगों के अलावा सफेदपोश, प्रॉपर्टी डीलर, राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की एक लंबी चेन है।
सत्रह बरस से कुख्याल राठी जेल में है। वहीं बैठे- बैठे ही उसने एक बड़े पेशेवर अपराधी के तौर पर अपराध जगत में नाम कमाया। हरिद्वार के रुडकी क्षेत्र में राठी का खासा खौफ है। राठी के गैंग में शूटर भी कई उम्र के ही युवा है, जो ‘भाई ’ बनने की चाह में अपराध की राह पकड़ लेते हैं। राठी के इशारे पर हुई हत्याओं की कुंडली उठाने पर इस बात की तस्वीर साफ हो जाएगी। राठी के खौफ को भुनाने वाले गुर्गों की फेहरिस्त लंबी है। ये ही विवादित प्रकरण को राठी के दरबार में ले जाते हैं। कई छुटभैय्ये नेता भी े उसे खुलेआम अपना‘ भाई ’ कहकर संबोधित करते हैं। वे दावा भी ठोकते हैं कि विवादित प्रकरण को चुटकियों में सुलझा सकते हैं। राठी की जड़ें जब तक हरिद्वार पुलिस नहीं उखाड़ फेकेंगी तब तक उसका साम्राज्य तहस नहस नहीं हो सकता है।
राजबाला की गिरफ्तारी इतिहास का हिस्सा
राठी की मां राजबाला की गिरफ्तारी हरिद्वार के अपराध जगत के इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। अब तक हरिद्वार पुलिस ने राठी के परिवार पर शिकंजा नहीं कसा था, लेकिन इस बार एसएसपी कृष्ण कृमार वीके के हौसले से हरिद्वार पुलिस का मनोबल काफी बढ़ा है, इस मनोबल के बूते राठी के गैंग से हरिद्वार पुलिस अब बखूबी निपट सकती है।