अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कुख्यात सुनील राठी के बागपत जेल से बैठे- बैठे नेटवर्क संचालन करना हैरान करने वाला है। ये ही बात हरिद्वार पुलिस के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। यूपी की जेल से उसके नेटवर्क को तोड़ना हरिद्वार पुलिस के लिए बेहद ही कड़ी चुनौती है।
कुख्यात सुनील राठी वैसे तो हरिद्वार के लिए करीब डेढ़ दशक से मुसीबत बना हुआ है, लेकिन पिछले कुछ माह से उसने अपने गृह जनपद बागपत की जेल को नया ठिकाना बनाया है। राठी अधिकांश वर्षों तक उत्तराखंड और दिल्ली की तिहाड़ जेल में ही रहा है, लेकिन यूपी की जेल में बैठकर राठी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने की बात चौंकाने वाली है। जिस तरह यूपी की योगी सरकारने पिछले कुछ ही समय में वेस्ट यूपी में कई अपराधियों को मुठभेड़ में मारा है, ऐसे में सवाल यही खड़ा होता है कि यूपी की जेल में क्या अब भी योगी सरकार का खौफ अफसरों को नहीं है। राठी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना ही हरिद्वार पुलिस के लिए दिक्कत भरी बात है, क्योंकि मां की गिरफ्तारी के बाद राठी आक्रामक हो सकता है। वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है तो वह कुछ भी करवा सकता है। उत्तराखंड के आला अफसर अब यूपी के पुलिस उच्चाधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं ताकि यूपी की जेल में भी राठी पर शिकंजा कसा जा सकें।