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इनामी बदमाश दबोचा

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हत्या के प्रयास और डकैती के मामले में चौदह साल से फरार चल रहे पिथौरागढ़ के पांच हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर को एसटीएफ (कुमाऊं यूनिट)ने कनखल से धर दबोचा। आरोपी 2013 से संतोषी माता आश्रम में संत के वेश में रह रहा था।
वर्ष 2003 में पिथौरागढ़ के गांव मोटी पोस्ट सईपारा तहसील डीडीहाट के रहने वाले हरिशंकर शर्मा पर घर में घुसकर कातिलाना हमला होने के साथ ही घर में लूटपाट की वारदात हुई थी। तब से मुख्य आरोपी सुरेश चंद्र भट्ट पुत्र स्व. कृष्णा चंद्र निवासी रसियापाटी तहसील डीडीहाट पिथौरागढ़ फरार था। पिछले दिनों एसटीएफ की कुमाऊं यूनिट को खबर मिली की आरोपी संत बनकर हरिद्वार के कनखल में संतोषी माता आश्रम में रह रहा है। शुक्रवार को एसटीएफ के एसआई केपी टम्टा की अगुवाई में टीम ने सन्यास मार्ग पर आरोपी हिस्ट्रीशीटर को धर दबोचा।
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एसटीएफ की टीम आरोपी को पकड़कर कनखल थाने ले गई। पूछताछ में सुरेश चंद्र भट्ट से सुरेशानंद गिरि बने आरोपी ने बताया कि वह कई वर्षों से अलग- अलग स्थान पर रह रहा था और कई वर्ष से हरिद्वार में है। वर्ष 2013 से संतोषी माता आश्रम के विनोद गिरि के सानिध्य में रह रहा था और आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने, खाने-पीने की व्यवस्था देखता था।
एसटीएफ के एसआई केपी टम्टा ने बताया कि वर्ष 1982 में आरोपी की मां जानकी देवी की हत्या महेंद्रनगर नेपाल में कर दी गई थी और हत्या को अंजाम देने का संदेह हरिशंकर शर्मा पर था।
रंजिश के कारण ही उसने हरिशंकर शर्मा पर हमला किया था, लेकिन वह बच गया था। पुलिस टीम में एसआई विकास चौधरी, गोविंद सिंह, वीरेंद्र सिंह, सलमान शालि रहे।

खटीमा में बस गया था परिवार
हरिद्वार। हिस्ट्रीशीटर का परिवार पिथौरागढ़ छोड़कर खटीमा उधमसिंह नगर में बस गया था। आरोपी की बेटी बीए में अध्यनरत है और बेटा 12वीं में पढ़ रहा है। वह समय- समय पर परिवार से मिलता- जुलता रहता था। खटीमा में कुछ भूमि भी परिवार ने ले ली थी। ब्यूरो

आश्रम की गोद में पल रहा था हिस्ट्रीशीटर
हरिद्वार। पांच हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर एक आश्रम में कई साल से रहने के बावजूद आश्रम प्रबंधन ने उसके सत्यापन कराने की जहमत उठाना उचित नहीं समझा। आश्रम प्रबंधन पुलिस को सत्यापन के लिए इशारा भी करतो तो पुलिस दौड़ी- दौड़ी चली जाती।
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यूपी के जमाने से ही हरिद्वार कुख्यातों की शरणगाह रही है। उत्तराखंड गठित होने के बाद भी समय-समय पर वेस्ट यूपी के कई कुख्यातों की मौजूदगी हरिद्वार में सामने आई है। हरिद्वार पुलिस सत्यापन का राग अलापती आई है, लेकिन आश्रम- अखाड़ों पर इसका फर्क नहीं पड़ता। इसकी एक बानगी एसटीएफ के हत्थे चढ़े पांच हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर सुरेश चंद्र भट्ट उर्फ सुरेशानंद गिरी की गिरफ्तारी से हो गई। बड़ा सवाल ये है कि संतोषी माता आश्रम जैसे बड़ी आध्यात्मिक संस्थान ने बिना सत्यापन के उसे कैसे पनाह दे दी। आश्रम प्रबंधन को उसके अतीत को खंगालने के बाद ही उसे सेवक बनाना चाहिए था। इसके साथ ही पुलिस सत्यापन भी कराया जाना चाहिए था। ब्यूरो
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