अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
बयालीस लाख की रकम ले उड़े टप्पेबाजों के गिरेबां तक पहुंचने के लिए पुलिस और सीआईयू ने एडीचोटी का जोर लगा दिया है। हरिद्वार के होटल, लॉज एवं धर्मशाला खंगाले जा रहे हैं ताकि टप्पेबाजों का कोई लिंक मिल जाए। इधर, इलेक्ट्रोनिक्स सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। फिलहाल कोई महत्वपूर्ण क्लू हाथ नहीं लग सका है।
आईसीआईसीआई बैंक शाखा के एटीएम मशीन में रकम डाल रहे एसआईपीएल कंपनी के कर्मचारी सुनील कुमार को गच्चा देकर टप्पेबाज 42 लाख की रकम से भरा बैग ले उड़ा था। टप्पेबाज ने सुनील को चंद रुपये गिरे होने का लालच देकर वारदात को अंजाम दिया था। सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात कैद हुई थी और कर्मचारी को पूरे ग्यारह मिनट बाद बैग गायब होने की जानकारी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में चार टप्पेबाज कैद हुए थे। टप्पेबाजों का कोई सुराग नहीं लगने पर अब पुलिस का फोकस होटल, धर्मशाला और लॉज पर भी है। उम्मीद है कि यदि टप्पेबाज ठहरे होंगे तो उन तक पहुंचना आसान होगा। इसलिए पुलिस का फोकस इस पहलू पर भी है। वहीं, इलेक्ट्रोनिक्स सर्विलांस की मदद से भी सीआईयू टप्पेबाजों तक पहुंचने के लिए हाथ पांव पटक रही है। इसके अलावा भी कई अन्य पहलूओं पर भी जांच जारी है। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच जारी है।