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प्रॉपर्टी डीलर की हत्या करने फिर पहुंचे थे शार्प शूटर

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कुणाल दरगन
हरिद्वार।
गलती से कंबल कारोबारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की हत्या करने वाले जीवा गैंग के शार्प शूटर मुजाहिद और शाहरुख एक बार फिर पांच अप्रैल को प्रॉपर्टी डीलर सुभाष सैनी की हत्या करने पहुंचे थे। वे विवादित भूमि के इर्द गिर्द करीब चार घंटे मंडराते थे लेकिन उस दिन प्रॉपर्टी डीलर वहां नहीं पहुंचा था। तब शूटरों ने रुडकी बस स्टैंड के पीछे एक गेस्ट हाउस में पनाह ली थी।
स्पेशल ऑपरेशन टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) के हत्थे चढ़े पूर्वाचल के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी, मुन्ना बजरंगी, संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा गैंग के शार्प शूटर मुजाहिद ने ये सनसनीखेज खुलासा किया है। सख्ती से की गई पूछताछ में शूटर ने जब अपनी विफलता का प्लान उगला तब एसटीएफ भी सन्न रह गई। प्रॉपर्टी डीलर की बजाय कंबल कारोबारी के निशाना बनने पर शूटर अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके थे, इसलिए वे पांच अप्रैल को एक बार फिर से हरिद्वार पहुंचे थे।
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एक दिन पहले उन्होंने रुड़की बस स्टैंड के पीछे सुमित बालियान की फर्जी आईडी से कमरा लिया था और फिर सुबह विवादित भूमि पर पहुंचे थे, जहां प्रॉपर्टी डीलर सैनी के रोजाना आने की सूचना उन्हें थी। पर, उस दिन बारिश होने से सैनी नहीं आया था। तब शूटरों ने वापस जाने का फैसला लिया था और फिर सैनी को ठिकाने की बात सोची थी।


शाहरुख ने की आसिफ और उसके पिता की हत्या
युवा शूटर शाहरुख ने वर्ष 2015 में वेस्ट यूपी के अपराधी आसिफ जैदा की कचहरी कैंपस में अपने दो साथियों के साथ गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। मुजफ्फरनगर के खालापार के रहने वाले शाहरुख की तब मैनपुरी जेल में रहते हुए जीवा से मुलाकात हुई। पुलिस कस्टडी से शाहरुख फरार होने में कामयाब रहा। उस पर यूपी पुलिस ने 50 हजार का इनाम भी घोषित किया। शाहरुख ने अप्रैल माह में आसिफ जैदा के पिता की भी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी, क्योंकि पिता बेटे के हत्याकांड में गवाह था।
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मोबाइल फोन से रहते है दूर
ये शूटर बेहद ही शार्प हैं। मोबाइल फोन नहीं रखते है। केवल आमने सामने आकर हर प्लानिंग तय करते हैं, फिर बताए गए स्थान पर नियत समय पर मिलते हैं। हरिद्वार में कंबल कारोबारी की हत्या देने के बाद ये सीधे देहरादून गए थे और फिर वहां से लखनऊ रवाना हो गए थे। जीवा गैंग का शेखर नाम के एक लिंक ने वहां ठहरने की व्यवस्था की थी और ये फिर जीवा से भी मिले थे। तब जीवा ने गलती होने पर नाराजगी भी जताई थी। शूटरों ने दिल्ली का भी रुख किया था। दिल्ली में नदीम नाम का एक लिंक है। उसकी मदद से ये बटाला हाउस के पास कमरा किराये पर लेकर रह रहे थे।
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