प्रदेश के 10 जिलों के आबकारी अधिकारियों को ठेकाें के आवंटन में कोताही बरतने पर चेतावनी दी गई है बागेश्वर जिले के आबकारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, क्याेंकि वहां 12 में से 11 दुकानाें का आवंटन नहीं हो सका है। उधर आबकारी आयुक्त दीपेंद्र चौधरी ने कहा है कि शराब दुकानों को सस्ते में नहीं दिया जाएगा, चाहे दुकानें बंद करनी पड़ें।
बीते वित्तीय वर्ष में राजस्व के लक्ष्य को पार करने वाले आबकारी महकमे के सामने वर्तमान वित्तीय वर्ष में शराब की दुकानों का शत-प्रतिशत आवंटन कराना बड़ी चुनौती बन गया है। इनमें सबसे ज्यादा देसी शराब के ठेके शामिल है। सूत्राें के मुताबिक ढाई सौ के करीब शराब के ठेकाें का आवंटन अंतिम तिथि निकलने के बाद भी नहीं हो पाया है। हरिद्वार में 90, ऊधमसिंह नगर में 70, नैनीताल में 20 और देहरादून में 39 ठेकों का आवंटन नई आबकारी नीति के तहत नहीं हुआ है।
इस बाबत आबकारी आयुक्त दीपेंद्र चौधरी ने देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा के जिला आबकारी अधिकारियों को चेतावनी जारी की है। बागेश्वर के जिला आबकारी विवेक सोनकिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिले में अभी एक ठेका ही आवंटित हो पाया है, जबकि 11 ठेके बंद हैं। उधर, आबकारी आयुक्त दीपेंद्र चौधरी ने बताया कि बचे शराब के ठेकों के आवंटन करने को लेकर शासन से दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। शासन स्तर पर इस पर मंथन चल रहा है।