ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
दुष्कर्म के बाद छात्रा को मौत के घाट उतारने के आरोपी को विशेष पॉक्सो न्यायाधीश रमा पांडेय की अदालत ने दोषी करार दिया है। अभियोजन पक्ष ने दोषी के लिए फांसी देने की मांग की है। सजा पर बहस 12 दिसंबर को दोषी की होगी। इस मामले में एक नाबालिग (घटना के वक्त) किशोर न्याय बोर्ड से बरी हो चुका है।
शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि त्यूणी क्षेत्र की नौवीं कक्षा की एक छात्रा एक जनवरी 2016 को दोस्तों के साथ घूमने गई थी। शाम तक छात्रा घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने राजस्व पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी (छात्रा) को अंबड़ी निवासी अजहर खान की मोटरसाइकिल पर जाते देखा था। इसके बावजूद राजस्व पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। अगले दिन खोजबीन के दौरान परिजनों को जंगल में छात्रा का शव एक पेड़ से लटक मिला। छात्रा के घुटने जमीन से छू रहे थे और शरीर पर चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा से दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। इस मामले में राजस्व पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। इससे आक्रोशित क्षेत्र के लोगों ने धरना प्रदर्शन भी किया था। घटना के करीब आठ दिन बाद 10 जनवरी 2016 को पुलिस ने अजहर खान और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया। पड़ताल के दौरान अजहर ने पुलिस को घटनास्थल भी दिखाया जहां दुष्कर्म के बाद छात्रा की हत्या की थी। पुलिस ने घटनास्थल से छात्रा के गले की माला भी बरामद की। इसके बाद पुलिस ने अजहर की बाइक और उसकी एक चाबी भी बरामद की। इस मामले की डीएनए रिपोर्ट में भी अजहर के ही छात्रा से दुष्कर्म करने की पुष्टि हुई। इस मुकदमे में कुल 10 गवाहों को पेश किया गया। गवाही और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी अजहर खान को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया है। सजा पर बहस 12 दिसंबर को होगी।