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रोडवेज की जमीन पर बन गई कालोनी

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रामनगर (नैनीताल)। गूलरघट्टी में रोडवेज की 23 बीघा जमीन है, जिसमें आलीशान कॉलोनी बन गई और रोडवेज को पता तक नहीं चला। आरटीआई लगी तो मामले का खुलासा 2013 में हो गया, लेकिन तब से लेकर मामला ठंडे बस्ते में है। आरटीआई कार्यकर्ता ने फिर से जवाब मांगा तो रोडवेज का अमला गूलरघट्टी क्षेत्र में सर्वे करने पहुंच गया। उत्तर प्रदेश सरकार ने 1992 में रोडवेज बस अड्डे के लिए गूलरघट्टी में 1.290 और 0.964 हेक्टेयर यानी 23 बीघा जमीन दी गई थी। खसरा खतौनी में यह जमीन रोडवेज बस अड्डे के नाम पर दर्ज है। 1992 में मिली इस जमीन को रोडवेज भूल गया और यहां पर अतिक्रमण होने लगा। धीरे-धीरे यहां पर कॉलोनी बस गई और रोडवेज को भनक तक नहीं लगी। आरटीआई कार्यकर्ता अजीम खान ने 2013 में आरटीआई लगाई तब इस पूरे प्रकरण का पता चला। 2013 से लेकर रोडवेज की ओर से जमीन खाली नहीं कराई गई और लीपापोती की जा रही है। आरटीआई कार्यकर्ता ने एक बार फिर से जवाब मांगा तो मंडलीय प्रबंधक काठगोदाम के निर्देश पर रोडवेज के स्टेशन प्रभारी, फोरमैन ने मौके पर पहुंचकर सर्वे किया।
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रोडवेज की जमीन पर बन गई कॉलोनी
आरटीआई कार्यकर्ता के खुलासे के बाद जागा विभाग
रोडवेज के अधिकारियों और कर्मचारियों ने किया सर्वे

2013 में मेरी आईटीआई से इस प्रकरण का खुलासा हुआ था, लेकिन तब से रोडवेज की मिलीभगत से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो फिर वह हाईकोर्ट में सीबीआई, एसआईटी जांच के लिए रिट दायर करेंगे। - अजीम खान, आरटीआई कार्यकर्ता
आरएम (संचालन) काठगोदाम के निर्देश पर गूलरघट्टी में सर्वे करने गए थे। रोडवेज की जमीन पर बसी कॉलोनी का सर्वे किया गया है और सर्वे की रिपोर्ट को भेज दिया गया है। - नवीन आर्या, स्टेशन प्रभारी, रामनगर
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मुख्यालय से गूलरघट्टी की जमीन को लेकर अभिलेख मांगे गए थे। रामनगर डिपो ने जांच कर अभिलेख दिए और उन अभिलेखों को मुख्यालय भेज दिया गया है। -यशपाल सिंह, मंडलीय प्रबंधक (संचालन)
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