देहरादून। तीन गुने पैसे दिलवाने का लालच देकर सेवानिवृत्त खाद्य अधिकारी से ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने ठगों की कंपनी में आठ लाख रुपये निवेश किए थे। पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
खाद्य विभाग से रिटायर्ड हुए अमर सिंह रावत निवासी शिव नगर, डिफेंस कॉलोनी ने बताया कि वह 2017 में रिटायर्ड हुए थे। उनके पड़ोस में रहने वाली विजया रावत पत्नी राजेंद्र सिंह रावत अपनी साथी पार्वती देवी पत्नी घनश्याम भट्ट निवासी डिफेंस कॉलोनी के साथ उनके घर पर आई थी। दोनों ने कहा था कि उन्हें नागपुर की कंपनी में एलईडी लगाने का ठेका मिला है।
पैसा लगाने पर तीन साल में तीन गुना पैसा वापस मिलेगा। हर महीने ब्याज सहित पैसा मिलेगा। दोनों कहने पर रिटायरमेंट से मिले आठ लाख रुपये पार्वती को दे दिए। इसके बाद 28 मार्च 2018 को पार्वती उनको लेकर बैंक गई। उसने वह पैसे जयदेव विनय सिकंदर के खाते में ट्रांसफर कराए। दोनों ने यकीन दिलाया कि एक महीने बाद से पैसे आने शुरू हो जाएंगे, लेकिन कई महीने तक खाते में कोई पैसे नहीं आया। पूछने पर दोनों बहाने बनाती रहीं।
ज्यादा कहने पर 29 सितंबर 2018 को 12.88 लाख रुपये का एक चेक दिया जो अकाउंट बंद होने की वजह से बाउंस हो गया। इसके बाद पार्वती ने पैसे वापस करने के लिए एक साल का समय मांगा। जनवरी 2019 में पार्वती ने अपने खाते का आठ लाख रुपये का एक चेक दिया, वह भी बाउंस हो गया। आरोप है कि उनके अलावा पार्वती देवी ने पुष्पा कोठियाल, राजेश्वरी कठैत, मंदीप रावत, रोहिणी रावत, पुष्पा बिष्ट, सुनीता रावत, हरीश चौहान, नवदीप नेगी, चंपा थापा, शिल्पा क्षेत्री, मंजु उप्रेती, जसविंद्र कौर, मुन्नी बिष्ट, सुषमा कुकरेती, सतनाम कौर, ललित ममगाईं से भी पैसे और जेवर हड़पे हैं।