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क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल: लेखक बोले- पाकिस्तान से ज्यादा खतरा उसे सपोर्ट करने वाली महाशक्तियों से है

Sun, 14 Dec 2025 06:54 PM IST
अलका त्यागी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद निरोध सत्र में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह और पूर्व डीजीपी उत्तराखंड अशोक कुमार ने आतंकवाद निरोधी रणनीतियों पर चर्चा की।
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क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हयात सेंट्रिक में क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल ऑफ इंडिया के दूसरे दिन अपराध और न्याय की बदलती दुनिया पर गहरी चर्चा हुई। एक ओर जहां पूर्व एसीपी मधुकर झेंडे ने भारत के सबसे कुख्यात अपराधी चार्ल्स सोभराज के किस्से साझा किए वहीं दूसरी ओर लेखकों ने साइबर अपराध समेत आधुनिक अपराध पर विमर्श किया।

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राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद निरोध सत्र में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह और पूर्व डीजीपी उत्तराखंड अशोक कुमार ने आतंकवाद निरोधी रणनीतियों पर चर्चा की। अशोक कुमार ने कहा कि पाकिस्तान तो 1971 से भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर कर रहा है लेकिन भारत को खतरा पाकिस्तान से नहीं बल्कि उसे सपोर्ट करने वाली चीन और अमेरिका जैसी महाशक्तियों से है। कश्मीर की समस्या की जड़ सीमा पार है। पाकिस्तान चुप बैठने वाला नहीं है, इसलिए हमें निरंतर सतर्क रहना होगा।

उन्होंने कहा कि केवल खुफिया जानकारी पर्याप्त नहीं है। आतंकवाद से लड़ने के लिए ठोस कार्रवाई और अडिग इच्छाशक्ति की आवश्यकता है, ताकि जुल्म और जिहाद दोनों का सामना किया जा सके। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने हमलों को रोकने में खुफिया जानकारी की अहमियत और स्वदेशी तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। आधुनिक युद्ध में ड्रोन और साइबर हमलों के मिश्रण का सामना करने की तैयारी पर भी बल दिया।
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इससे पहले हुए सत्र में आईजी नीलेश भरणे ने ट्रैफिक प्रबंधन के लिए एनफोर्समेंट, इंजीनियरिंग और एजुकेशन के महत्व पर जोर दिया। वहीं एसपी लोकजीत सिंह ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अवसंरचना, जागरूकता और पुलिसिंग के संयोजन को आवश्यक बताया। आईजी नीलेश ने स्कूलों पर बड़ी जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि इंडियन सोसाइटी बदली है, और एजुकेशन से सुधार संभव है। एडिशनल एसपी जया बलूनी ने बल दिया कि सड़क अनुशासन केवल डर से नहीं बल्कि जागरूकता और व्यक्तिगत जिम्मेदारी से आता है। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि दुर्घटनाओं की यादें समय के साथ धुंधली हो जाती हैं। इस दौरान कैंट इलाके में ओएनजीसी चौक पर 11 नवंबर को हादसे में छह युवाओं की दर्दनाक मौत की घटना से सड़क सुरक्षा और कानून पर बात हुई।

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कुख्यात अपराधी चार्ल्स सोभराज पर खुलासा
पूर्व एसीपी और लेखक मधुकर झेंडे ने चैसिंग द सरपेंट : द चार्ल्स सोभराज फाइल्स सत्र में सोभराज को भारतीय इतिहास के सबसे चतुर अपराधियों में से एक बताया। उन्होंने सोभराज के अपराध की शुरुआत वाहन चोरी से होने की कहानी साझा की और तिहाड़ जेल से उसकी फरारी को उस समय की सबसे सनसनीखेज अपराध कहानियों में से एक करार दिया। साथ ही उसे दोबारा अपनी गिरफ्त में लेने के अनुभव को भी साझा किया।

महिला अपराध : भावनात्मक उपेक्षा और सामाजिक कारण
वुमेन एंड क्राइम सत्र में कमांडेंट श्वेता चौबे, लेखक रूबी गुप्ता और एसपी शिवानी मेहला ने भाग लिया। पैनल ने निष्कर्ष निकाला कि भावनात्मक उपेक्षा, आघात, नशे की लत और लंबे समय तक भावनात्मक व शारीरिक उत्पीड़न महिलाओं को अपराध की ओर धकेलने वाले प्रमुख कारक हैं। एसपी शिवानी मेहला ने लाहौल-स्पीति जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में कानून प्रवर्तन की गंभीर चुनौतियों को रेखांकित किया। वहीं, फॉरगॉटन बिहाइंड बार्स : जस्टिस डिलेड, जस्टिस डिनाइड सत्र में न्यायाधीश आरके गौबा, डॉ. ऐश्वर्या महाजन और एडीजी इंटेलिजेंस अभिनव कुमार ने कैदियों की स्थिति पर बात की।
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