उत्तराखंड में पौड़ी के एकेश्वर ब्लॉक के मटियालना-मुसासू मार्ग पर शनिवार को हुई दुर्घटना में मारे गए 8 लोगों का ग्रामीणों ने व्यासघाट में एक साथ अंतिम संस्कार किया।
देवप्रयाग से करीब 20 किमी पहले व्यासघाट स्थित घाट में रविवार को हादसे का शिकार हुए। अंतिम संस्कार में विधायक तीरथ सिंह रावत, पौड़ी के नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, तहसील प्रशासन भी मौजूद था।
तहसील प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए दस हजार की लकड़ी की व्यवस्था कराई। अंतिम संस्कार में पहुंचे गांव के लोगों का यह नजारा देख आंखें भर आई। अकारण मौत के मुंह में गए आठ लोगों को एक साथ अंतिम विदाई देते हुए लोगों का गला रुंध गया था।
ड्राइवर की लापरवाही से हुई दुर्घटना
दुर्घटना के लिए ग्रामीणों ने ड्राइवर को जिम्मेदार ठहराया है। राजकीय संयुक्त अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ आए तीमारदारों का कहना है कि ड्राइवर की गलती से ही दुर्घटना हुई है।
इस हादसे में चौरा मल्ला के आठ लोगों की जान चली गई और छह गंभीर घायल हैं। घायलों के साथ आए ग्रामीण धर्मेंद्र ने बताया कि हादसे से पहले ड्राइवर जीप में बैठा था।
वह चलने के लिए तैयार था, जिससे लोग जीप में बैठ गए। अचानक उसका फोन आया और वह मैक्स के टायर पर पत्थर लगाए बिना बाहर जाकर फोन पर बात करने लग गया।
लोड अधिक होने से मैक्स नीचे खिसकने लगी। जब तक ड्राइवर ब्रेक लगाने के लिए दौड़ा तब तक मैक्स जीप सड़क से नीचे पलट चुकी थी।
थोड़ा और इंतजार करते तो बच जाती शोभा
उनका कहना था कि ड्राइवर को पता था कि मैक्स ढलान पर है, ऐसे में टायर पर बिना पत्थर लगाए वह क्यों उतरा। धर्मेंद्र का कहना है कि ड्राइवर के वोट डालने के लिए लाइन में लगे होने की बात गलत है। उनका कहना है कि वह ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे।
हादसे में घायल रेखा देवी को पता नहीं है कि हादसे से चंद सेकेंड पहले उनके साथ जीप में एक साथ बैठी शोभा देवी अब दुनियां में नहीं है। अस्पताल में घायल अवस्था में भर्ती रेखा ने बताया कि वह काफी देर तक किनारे खड़े थे। गाड़ी चलने के लिए तैयार थी तो वह और शोभा भी जीप में बैठ गए। चंद सेकेंड बाद मैक्स कुछ कदम खिसकने के बाद नीचे चली गई।
तीन महीने बाद शादी है
हादसे में बुरी तरह से घायल शांति पुत्री केशवा नंद की शादी दो अक्तूबर को तय है। उसकी शादी देहरादून तय हो रखी है। लेकिन शांति गंभीर घायल हालत में अस्पताल में भर्ती है।
स्वाथ्य मंत्री के पड़ोसी गांव में हुआ यह हादसा
घायलों के साथ आए ग्रामीणों का कहना है कि कोटद्वार के विधायक और स्वाथ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी मूल रूप से उनके पड़ोस के गांव गजरसैंण के निवासी हैं। अपने पैतृक गांव के पास इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद उन्होंने न तो किसी से संपर्क किया और न ही किसी को भेजा। लोगों में इस बात को लेकर काफी नाराजगी भी थी।
ड्राइवर पर होगी कार्रवाई
हादसे में घायल या मृतकों के परिजनों की ओर से मामले में कोई तहरीर नहीं आई है। प्रथम दृष्टया हादसे में ड्राइवर की गलती मानी जा रही है। तहरीर नहीं भी आएगी तो भी दोषी पाए जाने पर ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-पीएल शाह, प्रभारी एसडीएम चौबट्टाखाल