देहरादून। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने घोषणा की है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटियां स्थापित की जाएंगी। साथ ही, प्रत्येक मंडल में दो-दो क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटियां भी विकसित की जाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाना और अधिक लोगों को सुलभ एवं पारदर्शी वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना है।
विभागीय मंत्री ने ये निर्देश सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए। उन्होंने अधिकारियों को जनपद और मंडल स्तर पर सोसाइटियां खोलने को कहा। मंत्री ने कहा कि इन सोसाइटियों से प्रदेश में सहकारिता सेवाओं का विस्तार होगा। इससे अधिक से अधिक लोगों को पारदर्शी वित्तीय सेवाएं मिल सकेंगी। रावत ने प्रदेशभर की सभी सहकारी बैंक शाखाओं और सहकारी समितियों के भवनों को एक समान रंग व स्वरूप देने के निर्देश भी दिए। यह सहकारिता संस्थाओं की एक विशिष्ट पहचान विकसित करने के लिए है।
विभागीय मंत्री ने सभी सहकारी समितियों की भूमि की रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से करने को कहा। उन्होंने कहा, यह भविष्य में किसी भी प्रकार के स्वामित्व संबंधी विवादों से बचने के लिए आवश्यक है। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। रावत ने प्रशासक कार्यकाल की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की। ब्यूरो