दून लैब में भी हो रही दवाओं की जांच
दवाओं और कास्मेटिक उत्पादों की जांच रुद्रपुर के अलावा देहरादून में की जा रही है। दोनों स्थानों में अत्याधुनिक मशीनों से सुविधायुक्त लैब है। इसमें वेट लैब, माइनर और मेजर, कास्मेटिक और माइक्रो लैब भी मौजूद है। जांच के साथ ऑनलाइन सर्टिफिकेशन की सुविधा है। आम लोग भी यहां मिलावट की जांच करा सकते हैं। उन्हें इसके लिए लैब चार्ज देना होगा। चारधाम यात्रा मार्ग पर दवाइयों के 156 सैंपल लिए गए जो मानकों पर सही पाए गए। सैंपलों की जांच रुद्रपुर लैब में की जा रही है।
फूड लाइसेंस पर बनाया जा रहा था मल्टीविटामिन
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने बताया, ऊधमसिंहनगर में एक दवा कंपनी में फूड लाइसेंस पर मल्टी विटामिन बनाया जा रहा था। कार्रवाई में मल्टी विटामिन के कैप्सूल और टेबलेट मिले। सैंपल की जांच में मल्टी विटामिन में दवाओं के सॉल्ट पाए जाने पर इनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। कंपनी को सील कर दिया गया। टीम ने फैक्टरी कर्मियों से औषधि निर्माण का लाइसेंस दिखाने के लिए कहा। कर्मचारियों ने टीम को फूड लाइसेंस दिखाया।
ये भी पढ़ें...Kumaon News: भाई के लिए काल बना भाई...आग ने मचाया तांडव, आदमखोर का आतंक भी दिखा; पढ़िए कुमाऊं की खबरें
नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं का स्टाक तय
प्रदेश सरकार ने नशे के रूप में उपयोग में लाई जाने वाली नारकोटिक और साइकोट्रापिक दवाओं का स्टाक पहले ही तय कर रखा है। अब मेडिकल स्टोर और सप्लायर इन दवाओं की बिक्री मनमाने ढंग से नहीं कर पाएंगे। होलसेलर व रिटेलर को तय मात्रा से अधिक दवा रखने की इजाजत नहीं होगी और उन्हें बिक्री का हिसाब भी रखना होगा। कोई भी मेडिकल स्टोर या थोक विक्रेता तय सीमा से अधिक दवाओं का स्टाक रखता है तो लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।