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बेशर्म दारोगा ने सरेआम छात्रा संग की बदतमीजी

Mon, 19 Oct 2015 08:27 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
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यातायात नियमों का पालन करवाने वाली सीपीयू (सिटी पैट्रोलिंग यूनिट, उत्तराखंड पुलिस) अब बदतमीजी पर उतर आई है। हरिद्वार में एसएमजेएन कॉलेज की एक छात्रा से अभद्रता की गई। इतना ही नहीं एक आमजन को मां बहन की गाली भी दी गई। पहला मामला शनिवार का है।
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जहां एसएमजेएन कॉलेज की एमकॉम प्रथम वर्ष की एक छात्रा अपनी स्कूटी से ज्वालापुर में पुरानी सब्जी मंडी में अपने घर वापस लौट रही थी। कॉलेज की गली के पास मौजूद सीपीयू कर्मी ने उसे रोक लिया। छात्रा के पास हेलमेट था, लेकिन पहना हुआ नहीं हुआ था। छात्रा के निवेदन करने पर भी सीपीयू का दिल नहीं पसीजा।

छात्रा का आरोप है कि सीपीयू के दारोगा ने उसके साथ अभद्रता शुरु कर दी और फिर ये भी कहा कि 'जब जेल जाओगी तब होश ठिकाने आएंगे'। आरोप है कि जब उसने कहा कि उसके पास ड्राइविंग लाईसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की फोटो स्टेट है वो अपने पिता को फोन कर मंगवा लेती है। लेकिन ये कहकर डांट दिया कि दो मिनट से ज्यादा का वक्त वे किसी को नहीं देते हैं।
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छात्रा का आरोप है कि दारोगा ने महिला होने की भी शर्म नहीं करी और अभद्रता करता रहा। फिर पांच हजार का चालान भरकर उसे थमा दिया। छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी इस बात से आहत है। उसकी मानसिक स्थिति पर चोट पहुंची है।
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सरेआम कांस्टेबल ने दी बहन की गाली

दूसरी घटना सिंहद्वार पुल से सटे शिवमूर्ति चौक पर हुई। यहां भी दुपहिया वाहन सवार ने सीपीयू के जवान को देखकर स्कूटी रोकर हेलमेट सिर पर लगा दिया। आरोप है कि कांस्टेबल ने उसे सीधे बहन की गाली देकर संबोधित किया।

गुस्साए व्यक्ति ने हंगामा भी खड़ा कर डाला। फिर सीपीयू की जुबान बंद हो गई। भीड़ ने जब आंखे तरेरी तब हड़बड़ा गए सिपाही ने उल्टा उस दुपहिया वाहन सवार पर ही गाली देने का आरोप लगा डाला। कई मिनट तक चले हंगामे के बाद सीपीयू ने वहां से खिसकने में ही भलाई समझी।

सीपीयू नहीं डीजीपी का अक्स बोलिए
सीपीयू की शिकायत भी आखिर जनता कहां करें। क्योंकि, डीजीपी के अधीन होने की बात कहकर ये जनता को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी सीधे देते हैं। कई आमजन ने जब विरोध किया तब उन पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए।

सीपीयू की बदौलत कई निर्दोष अपराधी बन रहे हैं। अफसर भी इनकी हर हरकत को नजरअंदाज करते हैं, क्योंकि मामला डीजीपी से जुड़ा है। डीजीपी ने ही दस्ते को गठित किया था, लिहाजा ये किसी को कुछ समझते ही नहीं है।

बदतमीजी करना बिलकुल सही नहीं है। इस पर संज्ञान लिया जाएगा। आमजन के साथ सही तरह से पेश आना चाहिए। कानून के दायरे में रहकर सीपीयू अपना कार्य करेगी।
- सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसएसपी
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