कोरोना जांच के लिए श्रद्धालुओं का सैंपल लेने के दौरान कंपनी और लैब कर्मियों को जियो टैगिंग भी करनी थी। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि अधिकांश एंट्री जनपद से बाहर राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शहरों से की गई हैं। इससे स्पष्ट होता है कि मैक्स काॅरपोरेट सर्विस, नलवा लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और डॉक्टर लाल चंदानी लैब की ओर से फर्जी एंट्री की गई।
गलत तथ्य और आंकड़े प्रस्तुत किए
सीएमओ ने तहरीर में लिखा है कि मैक्स काॅरपोरेट सर्विस, नलवा लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और डॉक्टर लाल चंदानी लैब ने देश और प्रदेश में गलत तथ्य प्रस्तुत किए। इससे आंकड़ों में भ्रांति हुई। इनकी ओर से कोविड महामारी में मानव जीवन को गंभीरता से नहीं लेते हुए हानि पहुंचाने का कृत्य किया गया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
महामारी अधिनियम 1897 की धारा 3, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 53, 120 बी मतलब किसी साजिश में शामिल होना, धारा 188 आदेशों का उल्लंघन, धारा 269 गैर जिम्मेदाराना काम, धारा 270 अपराध के लिए सजा, धारा 420 धोखाधड़ी, धारा 468 छल से दस्तावेज तैयार करना, धारा 471 कूट रचित दस्तावेज या इलेक्ट्रानिक अभिलेख को असली दर्शाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।
सीएमओ की तहरीर पर नगर कोतवाली में कुंभ मेले के दौरान कोविड जांच के लिए नमूने एकत्र करने वाली मैक्स काॅरपोरेट सर्विस, जांच करने वाली नलवा लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड हिसार और डॉक्टर लाल चंदानी लैब सेंट्रल दिल्ली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
-डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसएसपी हरिद्वार