प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, हेल्थ वर्करों और फ्रंट लाइन वर्करों को बूस्टर डोज लगाई जा रही है। जिसमें 30 प्रतिशत लोगों को सरकार की ओर से मुफ्त में बूस्टर डोज लगाई गई। इन्हें आगे भी निशुल्क में बूस्टर डोज लगवाई जाएगी।
उत्तराखंड में रविवार से 18 से 60 साल की आयु के लोगों को कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज (एहतियाती टीका) लगाने की शुरुआत हो गई है। इस आयु वर्ग को बूस्टर डोज के रूप में तीसरा टीका लगाने के लिए 375 रुपये प्रति डोज देने पड़ेंगे। इसमें 150 रुपये निजी अस्पतालों का सर्विस चार्ज भी शामिल है।
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, हेल्थ वर्करों और फ्रंट लाइन वर्करों को बूस्टर डोज लगाई जा रही है। जिसमें 30 प्रतिशत लोगों को सरकार की ओर से मुफ्त में बूस्टर डोज लगाई गई। इन्हें आगे भी निशुल्क में बूस्टर डोज लगवाई जाएगी। रविवार से प्रदेश में 18 से 60 साल के लोगों को भी संक्रमण से बचाव के लिए बूस्टर डोज लगनी शुरू हो गई है।
राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.कुलदीप सिंह मर्तोलिया ने बताया कि बूस्टर डोज लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कोवॉक्सिन और कोविशील्ड वैक्सीन के रेट तय किए हैं। जिसमें कोविशील्ड और कोवॉक्सिन की प्रति डोज के 225 रुपए तय किए गए हैं। जबकि 150 रुपये निजी अस्पतालों की ओर से सर्विस चार्ज के रूप में लिया जाएगा।
बूस्टर डोज लगवाने वाले लाभार्थी को 375 रुपये देने होंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार 18 से 60 साल के आयु के लोग निजी अस्पतालों में ही बूस्टर डोज लगवा सकेंगे। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से संचालित टीकाकरण केंद्रों पर 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों, हेल्थ वर्करों और फ्रंट लाइन वर्करों को ही निशुल्क बूस्टर लगाई जाएगी।