अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) नंदन सिंह की अदालत ने शुक्रवार को चरस तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाया। न्यायालय ने विकासनगर और हिमाचल प्रदेश के दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें अब तक जेल में बिताई गई अवधि की सजा और नकद अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पहले मामले में विकासनगर पुलिस ने एक जुलाई 2018 को कोर्ट पुल से हरिपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर चेकिंग के दौरान ग्राम ढकरानी (विकासनगर) निवासी जाहीद उर्फ जहीद को रोका था। एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत राजपत्रित अधिकारी या मजिस्ट्रेट के समक्ष तलाशी का अधिकार बताए जाने पर आरोपी ने पुलिस पर विश्वास जताते हुए अपनी लिखित सहमति दी। इसके बाद पुलिस टीम ने तलाशी में उसके कब्जे से 108 ग्राम चरस बरामद की। इस मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने बरामद मात्रा के व्यावसायिक मात्रा से कम होने के आधार पर दोषी जाहीद को जेल में बिताई अवधि की सजा सुनाई और उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
वहीं, दूसरे मामले में पुलिस ने तीन अप्रैल 2017 को ढकरानी पुल के निकट चेकिंग के दौरान हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के थाना कुपवी अंतर्गत कान्हा निवासी भीम सिंह को पकड़ा था। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सहमति लेने के बाद ली गई तलाशी में उसके पास से 704 ग्राम अवैध चरस बरामद की गई। अदालत में सुनवाई के दौरान भीम सिंह ने स्वेच्छा से अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इस मामले में भी चरस की मात्रा व्यावसायिक से कम होने पर न्यायालय ने दोषी को जेल में बिताई अवधि की सजा और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
न्यायालय ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों में यदि दोषी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें दो-दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।